मेवानगर (अग्रगामी) जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाचार्य श्री जिन कैलाश सागर सूरिश्वर का गत 23 मई, 2015 को प्रात: 6.45 बजे संथारा पूर्वक देवलोकगमन नाकोड़ा तीर्थ में हो गया। देशभर में आचार्य श्री के देवलोकगमन की सूचना मिलने पर खरतरगच्छ समुदाय के लोग शोकाकुल हो गये और अपने-अपने धार्मिक स्थलों पर एकत्रित होकर उन्हें हार्दिक श्रद्धांजति दी।
जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, दिल्ली, कोलकाता, चैन्नई, बैंगालूरू, हैदराबाद सहित विभिन्न प्रांतों से आचार्य श्री के देवलोकगमन से सम्बन्धित शोक संदेश प्राप्त हुये हैं।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के सभी कार्यकर्ताओं शोकाकुल रहे और आचार्य श्री को एक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, दिल्ली, कोलकाता, चैन्नई, बैंगालूरू, हैदराबाद सहित विभिन्न प्रांतों से आचार्य श्री के देवलोकगमन से सम्बन्धित शोक संदेश प्राप्त हुये हैं।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के सभी कार्यकर्ताओं शोकाकुल रहे और आचार्य श्री को एक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मणिप्रभ सागर खरतरगच्छ समुदाय के गच्छाधिपति नियुक्त!
मेवानगर (अग्रगामी) उपाध्याय प्रवर मणिप्रभ सागर को खरतरगच्छ समुदाय के गच्छाधिपति पद पर नियुक्त कर दिया गया है।


