जयपुर (अग्रगामी) पिछले अंक में हमने जयपुर की चारदिवारी क्षेत्र में बिना इजाजत तामीर लिये कुछ अवैध निर्माणों के बारे में लिखा था। इस ही क्रम में हम अन्य कुछ बिना इजाजत तामीरात किये हुये अवैध निर्माणों एवं सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के बारे में विस्तार से लिख रहे हैं।
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आधीन क्षेत्र मोतीसिंह भौमियों का रास्ता स्थित मकान नम्बर 3936 के पास सरकारी जमीन पर कीर्तिचंद टांक पुत्र स्व.राजरूप टांक ने अवैध कब्जा कर रखा है। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद भी हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल पिछले चार महिनों से मामले को दबा कर बैठे हैं और कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।
अब महापौर निर्मल नाहटा बतायें कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे को क्यों नहीं हटाया जा रहा है? इसके पीछे क्या घालमेल चल रहा है? इसके बारे में भी महापौर खुलासा करें!
इस ही तरह मकान नम्बर 443, ठाकुर पचेवर का रास्ता, हल्दियों का रास्ता, जौहरी बाजार, जयपुर स्थित भवन में व्यवसायिक निर्माण कार्य जारी है। जबकि जयपुर के चारदिवारी क्षेत्र में व्यवसायिक निर्माण पर पाबंदी है। इस भवन के निर्माण में बीआईएस कोड़ और नेशनल बिल्डिंग कोड़, भवन निर्माण बाईलॉज और पर्यावरण कानून का खुला उलंघन हो रहा है। लेकिन नगर निगम हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल और उनकी फौज तमाशबीन बन कर अवैध निर्माण को बनते देख रही है।
इस ही तरह जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आधीन मकान नम्बर 1984, ठाकुर पचेवर का रास्ता, हल्दियों का रास्ता, जौहरी बाजार, जयपुर स्थित भवन में सारे नियम कानूनों को ताक में रख कर बिना इजाजत तामीरात हो रहा है। लेकिन नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल सहित इनकी पूरी फौज को इस अवैध निर्माण की तरफ देखने की भी फुर्सत नहीं है? यही हाल भवन संख्या 3877, ठाकुर पचेवर का रास्ता स्थित भवन के हैं।
इस ही तरह नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम के आधीन भवन संख्या 2245, धुला हाउस के सामने, बापू बाजार, जयपुर में हो रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर जोन आयुक्त और उनकी फौज कोई कार्यवाही नहीं कर रही है।
हम आगे चलें तो पिछली बार अग्रगामी संदेश ने साया किया था कि जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम के आयुक्त और उनके आधीन कारिंदों ने चौड़ा रास्ते में बिना इजाजत तामीर दिये हुये एक दुकान का निर्माण करवा दिया और उस पर भी आयुक्त के दफ्तर में कार्यवाही के लिये फाईल इंतजार कर रही है। अब महापौर निर्मल नाहटा बतायें की अवैध निर्माणों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है?
इस ही तरह वार्ड 74 में उपमहापौर मनोज भारद्वाज की नाक के नीचे मुख्य जौहरी बाजार में पंजाबी मस्जिद के पास और एमआर ब्रदर्स के ऊपर अवैध रूप से बिना इजाजत व्यवसायिक निर्माण हो रहा है। लेकिन आयुक्त हवामहल जोन पश्चिम और उनके आधीन पूरा अमला सन्नीपात में जकड़ा-अकड़ा इस अवैध निर्माण को होते देख रहा है। इस ही तरह मुख्य जौहरी बाजार में कोठारी भवन, 1329 एलएमबी के पीछे, 2490 पटवों का रास्ता स्थित भवनों के अवैध निर्माणों के मामलों में भी आयुक्त और उनका पूरा अमला कार्यवाही की फाईलों को दफ्तर में रोक कर कुंडली लगाये बैठा अवैध निर्माण होते देख रहा है। आखीर क्यों?
अब देखना यही है कि उपरोक्त बिना इजाजत तामीरात एवं सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के मामले में महापौर निर्मल नाहटा की अगुआई में जयपुर नगर निगम का अमला क्या कार्यवाही करता है ओर कार्यवाही करने असफल रहता है तो राज्य की मुख्यमंत्री इन दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करतीं है?
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आधीन क्षेत्र मोतीसिंह भौमियों का रास्ता स्थित मकान नम्बर 3936 के पास सरकारी जमीन पर कीर्तिचंद टांक पुत्र स्व.राजरूप टांक ने अवैध कब्जा कर रखा है। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद भी हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल पिछले चार महिनों से मामले को दबा कर बैठे हैं और कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।
अब महापौर निर्मल नाहटा बतायें कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे को क्यों नहीं हटाया जा रहा है? इसके पीछे क्या घालमेल चल रहा है? इसके बारे में भी महापौर खुलासा करें!
इस ही तरह मकान नम्बर 443, ठाकुर पचेवर का रास्ता, हल्दियों का रास्ता, जौहरी बाजार, जयपुर स्थित भवन में व्यवसायिक निर्माण कार्य जारी है। जबकि जयपुर के चारदिवारी क्षेत्र में व्यवसायिक निर्माण पर पाबंदी है। इस भवन के निर्माण में बीआईएस कोड़ और नेशनल बिल्डिंग कोड़, भवन निर्माण बाईलॉज और पर्यावरण कानून का खुला उलंघन हो रहा है। लेकिन नगर निगम हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल और उनकी फौज तमाशबीन बन कर अवैध निर्माण को बनते देख रही है।
इस ही तरह जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आधीन मकान नम्बर 1984, ठाकुर पचेवर का रास्ता, हल्दियों का रास्ता, जौहरी बाजार, जयपुर स्थित भवन में सारे नियम कानूनों को ताक में रख कर बिना इजाजत तामीरात हो रहा है। लेकिन नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त रमेशचंद्र अग्रवाल सहित इनकी पूरी फौज को इस अवैध निर्माण की तरफ देखने की भी फुर्सत नहीं है? यही हाल भवन संख्या 3877, ठाकुर पचेवर का रास्ता स्थित भवन के हैं।
इस ही तरह नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम के आधीन भवन संख्या 2245, धुला हाउस के सामने, बापू बाजार, जयपुर में हो रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर जोन आयुक्त और उनकी फौज कोई कार्यवाही नहीं कर रही है।
हम आगे चलें तो पिछली बार अग्रगामी संदेश ने साया किया था कि जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम के आयुक्त और उनके आधीन कारिंदों ने चौड़ा रास्ते में बिना इजाजत तामीर दिये हुये एक दुकान का निर्माण करवा दिया और उस पर भी आयुक्त के दफ्तर में कार्यवाही के लिये फाईल इंतजार कर रही है। अब महापौर निर्मल नाहटा बतायें की अवैध निर्माणों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है?
इस ही तरह वार्ड 74 में उपमहापौर मनोज भारद्वाज की नाक के नीचे मुख्य जौहरी बाजार में पंजाबी मस्जिद के पास और एमआर ब्रदर्स के ऊपर अवैध रूप से बिना इजाजत व्यवसायिक निर्माण हो रहा है। लेकिन आयुक्त हवामहल जोन पश्चिम और उनके आधीन पूरा अमला सन्नीपात में जकड़ा-अकड़ा इस अवैध निर्माण को होते देख रहा है। इस ही तरह मुख्य जौहरी बाजार में कोठारी भवन, 1329 एलएमबी के पीछे, 2490 पटवों का रास्ता स्थित भवनों के अवैध निर्माणों के मामलों में भी आयुक्त और उनका पूरा अमला कार्यवाही की फाईलों को दफ्तर में रोक कर कुंडली लगाये बैठा अवैध निर्माण होते देख रहा है। आखीर क्यों?
अब देखना यही है कि उपरोक्त बिना इजाजत तामीरात एवं सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के मामले में महापौर निर्मल नाहटा की अगुआई में जयपुर नगर निगम का अमला क्या कार्यवाही करता है ओर कार्यवाही करने असफल रहता है तो राज्य की मुख्यमंत्री इन दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करतीं है?


