इलेक्ट्रोनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया की निगरानी रखना कोई नई बात नहीं है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 600 से ज्यादा इलेक्ट्रोनिक चैनल्स और विश्वभर की चार करोड़ से ज्यादा सोशल मीडिया सहित देश के प्रिंट मीडिया पर निगरानी रखती है। इस हेतु सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक न्यू मीडिया विंग भी बनाई गई है। यह विंग प्रतिदिन प्रात: आठ बजे और सांय छह बजे अपने उच्चाधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट भिजवाती है। खासकर उन मुद्दों पर जिनके कारण जनता में सरकार के प्रति नाराजगी पनप रही होती है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार आम अवाम की नाराजगी से पीडि़त नहीं है उसे चंद स्वार्थी नेता और कुछ राजनैतिक पार्टियां इलेक्ट्रोनिक मीडिया के जरिये बिना मतलब सवाल उठा कर परेशान करते रहते हैं। ऐसी स्थिति में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार की कार्यप्रणाली को अपनाने की कोशिश की है तो उससे किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। वैसे केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार के सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित न्यू मीडिया सेंटर की शुरूआत हेतु आधारशिला मनमोहन सिंह सरकार के वक्त में ही लग चुकी थी। लेकिन उसे गतिशील भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार ने किया। ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के द्वारा इस मुद्दे पर दिल्ली की आपनीत केजरीवाल सरकार का विरोध नहीं करना चाहिये।
अगर आंकडों को खंगाला जायेगा तो दिल्ली की आपनीत अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ ही केंद्र की भारतीय जनता पार्टीनीत नरेंद्र मोदी सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्थापित न्यू मीडिया सेंटर के आंकड़े भी अवाम के सामने उजागर होंगें।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इस न्यू मीडिया सेंटर से इंटेलीजेंस ब्यूरो यानि आईबी भी सूचनाएं प्राप्त करता है जो कि उसके क्रियाकलापों में काम आती हैं। राज्य स्तर पर भी इस तरह की खुफियागिरी राज्य सरकारों खासकर भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में की जाती है आने वाले समय में इस तरह की खुफियागिरी सत्ताधीशों को भारी पडेगी क्योंकि जनता सब जानती है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार आम अवाम की नाराजगी से पीडि़त नहीं है उसे चंद स्वार्थी नेता और कुछ राजनैतिक पार्टियां इलेक्ट्रोनिक मीडिया के जरिये बिना मतलब सवाल उठा कर परेशान करते रहते हैं। ऐसी स्थिति में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार की कार्यप्रणाली को अपनाने की कोशिश की है तो उससे किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। वैसे केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार के सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित न्यू मीडिया सेंटर की शुरूआत हेतु आधारशिला मनमोहन सिंह सरकार के वक्त में ही लग चुकी थी। लेकिन उसे गतिशील भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार ने किया। ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के द्वारा इस मुद्दे पर दिल्ली की आपनीत केजरीवाल सरकार का विरोध नहीं करना चाहिये।
अगर आंकडों को खंगाला जायेगा तो दिल्ली की आपनीत अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ ही केंद्र की भारतीय जनता पार्टीनीत नरेंद्र मोदी सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्थापित न्यू मीडिया सेंटर के आंकड़े भी अवाम के सामने उजागर होंगें।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इस न्यू मीडिया सेंटर से इंटेलीजेंस ब्यूरो यानि आईबी भी सूचनाएं प्राप्त करता है जो कि उसके क्रियाकलापों में काम आती हैं। राज्य स्तर पर भी इस तरह की खुफियागिरी राज्य सरकारों खासकर भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में की जाती है आने वाले समय में इस तरह की खुफियागिरी सत्ताधीशों को भारी पडेगी क्योंकि जनता सब जानती है।


