राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टीनीत नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग करने के पीछे क्या कारण रहे हैं? ये तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही बता सकते हैं। लेकिन जो बात उभर कर सामने आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रस्तावित नीति आयोग में अपनी पूरी दखलन्दाजी चाहते हैं! ऐसी स्थिति में यह नीति आयोग प्रधानमंत्री कार्यालय का एक पोपट आयोग बनने की स्थिति में आ जायेगा।
हालांकि प्रतावित नीति आयोग का उपाध्यक्ष जिन पानगडिया को बनाया गया है, वह वरिष्ठ अर्थशास्त्री है। लेकिन कितने समय तक यह पद संभाल पायेंगे, यह तो वक्त ही बतायेगा!
योजना आयोग को नीति आयोग में परिर्वर्तित करने के पीछे की कहानी भी स्पष्ट नहीं है। क्या नीति आयोग वही काम करेगा, जो कि योजना आयोग कर रहा है, तो फिर नाम बदलने से क्या फायदा? अगर सक्षम अधिकार युक्त आयोग के रूप में इस नीति आयोग को स्थापित किया जाता तो उचित होता! योजना आयोग का महज नाम बदल कर नीति आयोग करने से अवाम का कोई भला होने वाला नहीं है।
अवाम यही चाहता है कि चाहे नाम नीति आयोग रहे या योजना आयोग, इस आयोग को सरकारी लालफीताशाही से मुक्त रखा जाकर इसे स्वायत्तशासी दर्जा प्रदान किया जाय और प्रधानमंत्री की जगह उपराष्ट्रपति को आयोग का अध्यक्ष बनाया जाये। जिससे कि अवाम के हितों की रक्षा हो सके।
हालांकि प्रतावित नीति आयोग का उपाध्यक्ष जिन पानगडिया को बनाया गया है, वह वरिष्ठ अर्थशास्त्री है। लेकिन कितने समय तक यह पद संभाल पायेंगे, यह तो वक्त ही बतायेगा!
योजना आयोग को नीति आयोग में परिर्वर्तित करने के पीछे की कहानी भी स्पष्ट नहीं है। क्या नीति आयोग वही काम करेगा, जो कि योजना आयोग कर रहा है, तो फिर नाम बदलने से क्या फायदा? अगर सक्षम अधिकार युक्त आयोग के रूप में इस नीति आयोग को स्थापित किया जाता तो उचित होता! योजना आयोग का महज नाम बदल कर नीति आयोग करने से अवाम का कोई भला होने वाला नहीं है।
अवाम यही चाहता है कि चाहे नाम नीति आयोग रहे या योजना आयोग, इस आयोग को सरकारी लालफीताशाही से मुक्त रखा जाकर इसे स्वायत्तशासी दर्जा प्रदान किया जाय और प्रधानमंत्री की जगह उपराष्ट्रपति को आयोग का अध्यक्ष बनाया जाये। जिससे कि अवाम के हितों की रक्षा हो सके।


