लगभग 16 साल से अधिक समय बाद पहली बार जिनशासन का रथ सड़क पर आया। पिछले 16-17 साल से यह रथ श्री जैन श्वेताम्बर सीनियर सैकण्डरी स्कूल प्रांगण के एक गैरेज में बंद पड़ा था और श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का ध्यान इस रथ की तरफ था ही नहीं। लगभग सवा सौ साल पुराना यह रथ हैरीटेज श्रेणी में आता है और यह संघ पदाधिकारियों का दायित्व बनता था कि वे इसे गतिशील रखते। पिछले दो साल से अधिक समय से खरतरगच्छ जन चेतना मंच अपने मुख्य कार्यकारी कार्यकर्ता हीराचंद जैन के नेतृत्व में इस रथ को गतिशील करने के लिये संघर्षशील रहा है। नतीजन यह रथ गतिशील हुआ।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के ही वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी इस रथ को गतिशील करने के लिये अड़चन बने रहे, लेकिन समाजबंधुओं के दबाव के आगे उनकी एक भी नहीं चली और उन्हें मुंह की खानी पड़ी। ज्ञातव्य रहे कि पिछले साल पाश्र्वनाथ जयन्ती पर हुये समारोह में उपस्थित समाजबंधुओं की उपस्थिति 80 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी। लेकिन इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में दो दशक पहले तक होने वाले कार्यक्रमों की याद दिला दी।
हम आपको याद दिला दें कि जैन समुदाय की एक जुटता के चलते राजस्थान सरकार को पाश्र्वनाथ जयन्ती पर ऐच्छिक अवकाश घोषित करने के लिये दबाव में आना पड़ा था। हम सभी जैन समाजबंधुओं से पुन: अपील करेंगे कि पाश्र्वनाथ जयन्ती पर वे अपनी एक जुटता को मजबूत करेंगे, ठीक उसी तरह जिस तरह महावीर जयन्ती पर एकजुटता दिखाते हैं।
श्वेताम्बर जैन समुदाय में पाश्र्वनाथ जयन्ती पर पिछले दो दशकों में यह पहला कार्यक्रम रहा है जोकि श्वेताम्बर जैन समुदाय की एकजुटता को प्रदर्शित करता है और आगे की पाश्र्वनाथ जयन्ती जैन समुदाय की एकजुटता का सबब बनेगी।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के ही वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी इस रथ को गतिशील करने के लिये अड़चन बने रहे, लेकिन समाजबंधुओं के दबाव के आगे उनकी एक भी नहीं चली और उन्हें मुंह की खानी पड़ी। ज्ञातव्य रहे कि पिछले साल पाश्र्वनाथ जयन्ती पर हुये समारोह में उपस्थित समाजबंधुओं की उपस्थिति 80 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी। लेकिन इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में दो दशक पहले तक होने वाले कार्यक्रमों की याद दिला दी।
हम आपको याद दिला दें कि जैन समुदाय की एक जुटता के चलते राजस्थान सरकार को पाश्र्वनाथ जयन्ती पर ऐच्छिक अवकाश घोषित करने के लिये दबाव में आना पड़ा था। हम सभी जैन समाजबंधुओं से पुन: अपील करेंगे कि पाश्र्वनाथ जयन्ती पर वे अपनी एक जुटता को मजबूत करेंगे, ठीक उसी तरह जिस तरह महावीर जयन्ती पर एकजुटता दिखाते हैं।
श्वेताम्बर जैन समुदाय में पाश्र्वनाथ जयन्ती पर पिछले दो दशकों में यह पहला कार्यक्रम रहा है जोकि श्वेताम्बर जैन समुदाय की एकजुटता को प्रदर्शित करता है और आगे की पाश्र्वनाथ जयन्ती जैन समुदाय की एकजुटता का सबब बनेगी।


