अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

पार्टी विथ डिफरेंस!

अपने आपको पार्टी विथ डिफरेंस का खिताब देने वाली भारतीय जनता पार्टी को उनके नेताओं ने वास्तव में पार्टी विथ डिफरेंस बनाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ है! जम्मू के हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने 25 सीटें जीती वहीं काश्मीर क्षेत्र में भाजपा द्वारा खड़े किये गये 34 उम्मीदवारों में से 33 की जमानत जप्त हो गई और 34वां भी हार गया। इस स्थिति से साफ हो गया कि जम्मू और काश्मीर क्षेत्र के हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में तो लोग भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट देने को तत्पर हैं, वहीं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में कोई पैठ नहीं है।
हिन्दू, मुसलमान, ईसाई और यहूदी चारों ही धर्म मेसोपोटामिया में पल्लवित हुई हिब्रू संस्कृति के विघटन से पैदा हुये धर्म हैं। इनका भारतीय (जिन संस्कृति) और वैदिक संस्कृति से कोई लेनादेना नहीं है। इन चारों धर्मों के अनुयायी विश्व के हर कोने में अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिये लडऩे झगड़ते रहते हैं। यही दौर भारत में भी चालू है। भारत के मूल निवासी जिन (जैन) संस्कृति और वैदिक संस्कृति के लोग चूंकि अल्पसंख्यक श्रेणी में हैं, ऐसी स्थिति में हिन्दू, मुसलमान भारत के टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा हैं। म्यांमार, बंगलादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान, मॉरीशस, अफगानिस्तान और भूटान इसके ज्वलंत उदाहरण है। अब हिन्दुस्तान के नाम पर भारत के और टुकड़े करने की तैयारियां की जा रही है!
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टी (पार्टी विथ डिफरेंस) में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद्, बजरंग दल सहित अन्य अतिवादी हिन्दूवादी संगठनों के सहयोग से भारत को हिन्दूस्तान बनाने की जो मूहिम चलाई है, वह आम अवाम को हर तरह से नुकसान पहुंचायेगी। हमें अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा राजीव शुक्ला को दिये गये इंटव्यू में कहे गये ये शब्द याद हैं कि भारतीय जनता पार्टी मध्यमार्गी राजनैतिक पार्टी है तथा हम देश को मध्यमार्ग के जरिये आगे ले जायेंगे। हम इस पार्टी विथ डिफरेंस को अटल बिहारी वाजपेयी के अमेरिका के प्रति बिचारों की याद भी दिलाना चाहेंगे और उनकी कविताओं में से एक कविता में उनके द्वारा अमेरिका के प्रति व्यक्त किये गये विचारों की ओर अवगत कराना चाहेंगे जिनसे स्पष्ट हो जाता है कि अमेरिका भारत का नैसंगिक दोस्त नहीं है।
ऐसे हालत में भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार से अवाम की यही अपेक्षा रहेगी कि नरेन्द्र मोदी सरकार अमेरिका को महत्व देना बंद कर दे और देश को उसके नैसंगिक साथियों के साथ्ज्ञ मिलकर गतिशील होने दें।

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क