जयपुर (अग्रगामी) लम्बी लड़ाई के बाद केंद्र में सत्तारूढ डॉ.मनमोहन सिंह सरकार ने जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने वाला नोटिफिकेशन जारी किया था उसी क्रम में राजस्थान की वसुन्धरा राजे सरकार को मजबूर होकर जैन समाज को अल्पसंख्यकता का प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा था।
तद्नानुसार में राजस्थान के विभिन्न जिलों में समग्र जैन समाज के सामाजिक संगठनों ने अपने समाज बंधुओं के अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र जारी करवाने हेतु प्रयास किये और उन प्रयासों को आंशिक रूप से सफलता भी मिली है लेकिन श्वेताम्बर जैन समुदाय के ही एक घटक खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के पदाधिकारियों को लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की गुलामी भा गई है।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं या फिर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े हैं नतीजन अपने समाज के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के कार्यक्रम आयोजित करने में वे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और अपने सामाजिक संगठन की प्रोपर्टी का भी भाजपा जैसी राजनैतिक पार्टी के नेताओं के हित साधन में दुरूपयोग करते हैं।
अभी भी मौका है कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना व उनकी भजन मण्डली समाज एवं समाज बंधुओं के हित में कार्य करने में रूचि लेगी और समाज बंधुओं के लिये अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र जारी करवाने में अपना सक्रिय योगदान देगी। वैसे संस्था का जो पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य अपने समाज और समाज बंधुओं के हित में कार्य नहीं कर सकता है उन्हें पद पर रहने का हक भी नहीं है उनके लिये हम यही कह सकते हैं कि या तो समाजहित में कार्य करें या कुर्सी छोड़ें।
तद्नानुसार में राजस्थान के विभिन्न जिलों में समग्र जैन समाज के सामाजिक संगठनों ने अपने समाज बंधुओं के अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र जारी करवाने हेतु प्रयास किये और उन प्रयासों को आंशिक रूप से सफलता भी मिली है लेकिन श्वेताम्बर जैन समुदाय के ही एक घटक खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के पदाधिकारियों को लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की गुलामी भा गई है।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं या फिर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े हैं नतीजन अपने समाज के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के कार्यक्रम आयोजित करने में वे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और अपने सामाजिक संगठन की प्रोपर्टी का भी भाजपा जैसी राजनैतिक पार्टी के नेताओं के हित साधन में दुरूपयोग करते हैं।
अभी भी मौका है कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना व उनकी भजन मण्डली समाज एवं समाज बंधुओं के हित में कार्य करने में रूचि लेगी और समाज बंधुओं के लिये अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र जारी करवाने में अपना सक्रिय योगदान देगी। वैसे संस्था का जो पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य अपने समाज और समाज बंधुओं के हित में कार्य नहीं कर सकता है उन्हें पद पर रहने का हक भी नहीं है उनके लिये हम यही कह सकते हैं कि या तो समाजहित में कार्य करें या कुर्सी छोड़ें।


