अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

देव द्रव्य और साधारण आय में अन्तर!

जयपुर (अग्रगामी) जयपुर की एक धार्मिक संस्था श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ में देव द्रव्य का दुरूपयोग किया जा रहा है यहां तक कि महारानी त्रिशला के द्वारा देखे गये चौदह स्वपनों की बोलियां लगाकर प्राप्त देव द्रव्य को साधारण आय बताकर उपयोग में लिया जा रहा है यही नहीं इस संघ के द्वारा यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि सपनाजी की बालियों में प्राप्त देव द्रव्य साधारण आय है हालांकि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर के पदाधिकारियों की यह हरकत अत्यन्त निन्दनीय है।
तीर्थंकर महावीर की माता द्वारा देखे गये चौदह सपनों की आड़ लेकर इक_ा किये गये देव द्रव्य को साधारण आय आरोपित करने वालों से इतना ही कहा जा सकता है कि वे जिस कुर्सी पर बैठे हैं वह एक धार्मिक व सामाजिक संगठन के पदाधिकारी की कुर्सी है न कि किसी सेठ की मुनीमगिरि हेतु बनाई गई कुर्सी!
उम्मीद तो यही की जा सकती है कि सामाजिक संस्था को व्यावसायिक संस्था के रूप में न चलाकर उसे धार्मिक एवं सामाजिक संस्था ही रहने दिया जाये।
हम इस विषय में आगे विस्तार से लिखेंगे।

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क