अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

समाज हित में भी तो कार्य करो सेठियों!-2

श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनके छोटे भाई विमलचंद सुराना की दादागिरी के आगे संघ के पदाधिकारी भी अब पनाह मांगने लगे हैं। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन दोनों भाईयों का कहना नहीं मानने वाले श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) पदाधिकारियों को या तो हटाया जा रहा है या उन्हें इस्तीफा देने के लिये मजबूर किया जा रहा है। ये दोनों भाई चाहते हैं कि खरतरगच्छ संघ कार्यकारिणी में बैठे उनके दुमछल्लों में से किसी एक को संघमंत्री बना दिया जाये और वर्तमान में कार्यरत संघमंत्री को पदमुक्त कर दिया जाये। इसी क्रम में यह चर्चा चल रही है कि विमलचंद सुराना के खसमखास ज्योति कोठारी को या फिर राजेन्द्र कुमार बोहरा को संघमंत्री बना दिया जाये! श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर की संपत्तियों पर अन्य पंजीकृत संस्था के माध्यम से कब्जा करने में माहिर इन लोगों ने पहिले जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर स्थित यात्री निवास पर एक पंजीकृत संस्था के माध्यम से कब्जा किया था, इस कब्जे को छुड़वाने के लिये लम्बी लड़ाई चल रही है। अब इन्होंने मोहनबाड़ी की जमीन पर कब्जा करने के लिये वही तकनीकी अपनानी शुरू कर दी है।
टौंक जिले के मालपुरा में स्थित श्री जिन कुशलसूरि दादाबाड़ी पर भी एक अन्य रजिस्टर्ड संस्था के माध्यम से कब्जे की तैयारियां चल रही है। सुराना बंधुओं द्वारा एंटरटेनमेंट पैराडाइज के पास कच्ची बस्ती के साइड वाली सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया था, इस कब्जे को सरकार ने पिछले दिनों हटवा दिया था। इससे भी साफ जाहिर हो जाता है कि सुराना बंधुओं की आदत सार्वजनिक सम्पत्तियों पर नाजायज कब्जा करने की रही है।
इस ही तरह श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर की अन्य सम्पत्तियों पर भी कब्जा करने की कार्यवाही को अंजाम देने हेतु सुराना बंधु अपने चमचे दुमछल्लों के साथ जुटे हैं। इसमें आमेर की सम्पत्तियां भी शामिल है।
आज श्वेताम्बर समुदाय के समाज बंधुओं को जरूरत है कि उनके अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने में जैन समुदाय के सामाजिक संगठन और उनके पदाधिकारी रूचि लें। लेकिन श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली को संघ सम्पत्तियों को हस्तगत करने की कोशिशें करने से भी फुरसत नहीं मिल रही है। अभी भी वक्त है कि अपने आप को जयपुर के श्वेताम्बर समाज का बड़ा पूंजीपति आरोपित करने वाले श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली समाजहित के कार्य करने में रूचि लेंगे।-आशीष कुमार जैन

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क