जयपुर के गलता गेट स्थित मौनबाड़ी में साध्वी मणिश्री जी, साध्वी पुण्यश्री जी, साध्वी विजयश्री जी एवं साध्वी स्र्वणश्री जी की समाधियों को खुर्दबुर्द कर दिया गया है। साध्वी मणिश्री जी के सानिध्य में स्व.सेठ तेजकरण बुरड़ ने ही श्री जैन श्वेताम्बर श्राविका आश्रम पाठशाला की स्थापना की थी। जिसे बाद में साध्वी पुण्यश्री जी ने मार्गदर्शन दिया था। अपने स्वर्गारोहण के दिन साध्वी पुण्यश्री जी ने साध्वी स्र्वणश्री जी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। साध्वी पुण्यश्री जी के वक्त में ही श्राविका आश्रम पाठशाला का नाम श्री जैन श्वेताम्बर श्राविका आश्रम कन्या पाठशाला कर दिया था।
आज इन चारों साध्वियों की समाधियों को खुर्दबुर्द कर दिया गया है। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना बतायें कि ये चारों समाधियां कहां है? जिनका कि ऐतिहासिक संदर्भ मौजूद है। अपने व्यावसायिक स्वार्थ को पूरा करने के लिये और समाज की सम्पत्तियों को अनुचित तरीके अपना कर हड़पने की साजिश रचने वाले लोग यह भी बतायें कि क्या पुराने इतिहास को जो कि जीवंत है, को अपनी गलत करतूतों के जरिये दफन करने की घृणित कोशिश करना उचित है! हम श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली से यह जानना चाहेंगे! जयपुर के श्वेताम्बर जैन समुदाय के पुराने इतिहास और पुरा सम्पत्तियों को नष्ट कर पारिवारिक गुणगान गाने वाली सम्पत्तियों का निर्माण करने से जैन श्वेताम्बर समुदाय का क्या भला होने वाला है?-हीराचंद जैन
आज इन चारों साध्वियों की समाधियों को खुर्दबुर्द कर दिया गया है। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना बतायें कि ये चारों समाधियां कहां है? जिनका कि ऐतिहासिक संदर्भ मौजूद है। अपने व्यावसायिक स्वार्थ को पूरा करने के लिये और समाज की सम्पत्तियों को अनुचित तरीके अपना कर हड़पने की साजिश रचने वाले लोग यह भी बतायें कि क्या पुराने इतिहास को जो कि जीवंत है, को अपनी गलत करतूतों के जरिये दफन करने की घृणित कोशिश करना उचित है! हम श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली से यह जानना चाहेंगे! जयपुर के श्वेताम्बर जैन समुदाय के पुराने इतिहास और पुरा सम्पत्तियों को नष्ट कर पारिवारिक गुणगान गाने वाली सम्पत्तियों का निर्माण करने से जैन श्वेताम्बर समुदाय का क्या भला होने वाला है?-हीराचंद जैन


