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खरतरगच्छ संघ को क्यों बनाना चाहते हो घपलों का संघ!

जयपुर (अग्रगामी) स्थानीय चार दिवारी क्षेत्र में संचालित श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली ने तय कर रखा प्रतीत होता है कि इस संघ और इसकी सम्पत्ति को अपनी निजी सम्पत्तिके रूप में स्थापित करवालें।
टौंक जिले के मालपुरा में स्थित एक अनुसूचित जाति के गरीब की जमीन खरीदने का मामला हो या फिर मकराना से मारबल खरीद का मामाला हो या फिर जयपुर में स्थित मोहनबाडी की सामाजिक सम्पत्ति के दुरूपयोग का मामला हो या फिर शहर के व्यस्ततम इलाके जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर स्थित यात्री निवास का मामला हो, समाज की सम्पत्तियों पर कब्जा करने या समाज की आड़ में अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने का मामला हो सभी स्तर पर कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली समाज को नीचा दिखाकर समाज की सम्पत्ति को खुर्दबुर्द करने पर तुले हैं। रेकार्ड पर उपलब्ध ठोस सबूत यह बताते हैं कि किस तरह श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर में सेठाई राज चल रहा है? यही नहीं अगर संघ में हो रहे गलत काम की जानकारी संघ के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना को दी जाती है या हो रहे गलत कामों की जानकारी मांगी जाती है तो मामले को अटकाया व लटकाया जाता है और जानकारी नहीं दी जाती है। अग्रगामी संदेश के पास उपलब्ध दस्तावेजों की फोटो स्टेट की प्रतियां यह बयां करती है कि संघ के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना के इशारे पर काफी गड़बडिय़ां चल रही है और उनको ठीक करने की कोई गुंजाइश भी नजर नहीं आ रही है।
वर्तमान चातुर्मास कार्यक्रमों को ही लें तो साध्वी शशिप्रभाजी के चातुर्मास की जय जवाहरनगर संघ ने बुलवाली तब तक श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष और उनकी भजन मण्डली सोती रही। हम याद दिलादें कि जब वे जयपुर पधारी तो उनके स्वागत का ढोंग रचा गया और साध्वी शशिप्रभाजी को चार दिवारी के सांगानेरी गेट से विचक्षण भवन तक जुलूस के रूप में ले जाने का कार्यक्रम मात्र इस लिये किया गया ताकि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को उपकृत किया जा सके। किसी भी चातुर्मास में चातुर्मासिक प्रवेश एक ही बार किया जाता है। साध्वी शशिप्रभाजी का चातुर्मास जवाहरनगर में था और उनका चातुर्मास प्रवेश भी जवाहरनगर में ही सम्पन्न किये जाने चाहिये थे। ऐसी स्थिति में कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मण्डली ने साध्वी शशिप्रभाजी के प्रवेश का कार्यक्रम क्यों आयोजित किया? ये तो श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना ही बता सकते हैं! एक विचारणीय तथ्य यह भी है कि सांगानेरी गेट से विचक्षण भवन तक जुलूस के रूप में साध्वी शशिप्रभाजी को लाने के समय संघ के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना मौजूद नहीं थे। उनके स्थान पर उनकी भूमिका उनके छोटे भाई विमलचंद सुराना ने निभाई जबकि शिवजीराम भवन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के स्वागत कार्यक्रम में कुशलचंद सुराना ने शिरकत की और सारे कार्यक्रम में पदाधिकारी उनके स्वागत में ही जुटे रहे। यह सब अग्रगामी संदेश ने उसी दौरान फोटो समेत साया किया था।
आम समाज बंधुओं में चर्चा है कि भाजपा पदाधिकारियों को उपकृत करके कुशलचंद सुराना और विमलचंद सुराना अपनी भजन मण्डली के साथ किये गये अवैध निर्माणों और घपले घोटालों को छुपाने में इनकी मदद ले सके और सरकार तथा प्रशासन पर अपने अच्छे तालुकात की आड़ लेकर दबाव बनाकर सीज और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही से बच सकें और समाज बंधुओं पर अपना रूतबा दिखा सकें। खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने राज्य सरकार से मांग की है कि सुराना बंधुओं के अवैध निर्माणों और टैक्स चोरी की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाये। हम इस विषय में अगले अंकों में विस्तार से जानकारी साया करेंगे।

 
AGRAGAMI SANDESH

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