जयपुर (अग्रगामी) भाजपा बोर्ड की जयपुर नगर निगम में भ्रष्टाचारियों की करतूतों का कोई अंत नहीं है। जयपुर नगर निगम की हर शाख पर भ्रष्टाचारी बैठा है, अब इस नगर निगम का क्या होगा? जवाब दें मुख्यमंत्री क्योंकि स्वायत्तशासन विभाग आपके पास है।
ताजा सनसनीखेज मामले में जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के हुक्कामों ने आवासीय मकान की आड़ लेकर उस पर कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनवा दिया। यही नहीं रिश्वतखोर अफसरों और कारिंदों ने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स की चार मंजिलों (जी+3)को बिकवाने में मदद ही नहीं की, वरन उनका नगरीय विकास शुल्क भी पुरानी तारिखों से जमा कर लिया।
अग्रगामी संदेश के पास उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं कि जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट के नथमलजी का चौक, पुरानी कोतवाली का रास्ता में स्थित आवासीय म्युनिसिपल भवन संख्या 4361 में वर्ष 2012 से स्थापित सारे नियम कानून कायदों को तक में रख कर अफसरों और कारिंदों की मिलीभगत से इस भवन में कॉमर्शियल निर्माण की गतिविधियां चल रही थी। लेकिन नोटों की गड्डियों और क्षेत्र के पार्षद की शह पर हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त, जेईएन (बिल्डिंग) और उनके अधीनस्थ कारिंदों ने अवैध निर्माण को सिर्फ प्रोत्साहित ही नहीं किया, बल्कि चार मंजिला अवैध कॉमर्शियल काम्पलेक्स का निर्माण करवा दिया।
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व से सूचना का अधिकार कानून के तहत प्राप्त दस्तावेज हवामहल जोन पूर्व में बैठे भ्रष्टाचारियों की पूरी कहानी बयां करते हैं।
हम हवामहल जोन पूर्व में बैठे उन भ्रष्टाचारियों की पूरी कथा के साथ अवैध निर्माणकर्ता और खरीददारों के नाम और करतूतों को अगले अंकों में विस्तार से बयां करेंगे। इनमें एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी सहित सात किरदारों और जयपुर नगर निगम के भ्रष्ट और नाकारा लगभग 8 अफसरों और कारिंदों का भी खुलासा होगा!
ताजा सनसनीखेज मामले में जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के हुक्कामों ने आवासीय मकान की आड़ लेकर उस पर कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनवा दिया। यही नहीं रिश्वतखोर अफसरों और कारिंदों ने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स की चार मंजिलों (जी+3)को बिकवाने में मदद ही नहीं की, वरन उनका नगरीय विकास शुल्क भी पुरानी तारिखों से जमा कर लिया।
अग्रगामी संदेश के पास उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं कि जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट के नथमलजी का चौक, पुरानी कोतवाली का रास्ता में स्थित आवासीय म्युनिसिपल भवन संख्या 4361 में वर्ष 2012 से स्थापित सारे नियम कानून कायदों को तक में रख कर अफसरों और कारिंदों की मिलीभगत से इस भवन में कॉमर्शियल निर्माण की गतिविधियां चल रही थी। लेकिन नोटों की गड्डियों और क्षेत्र के पार्षद की शह पर हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त, जेईएन (बिल्डिंग) और उनके अधीनस्थ कारिंदों ने अवैध निर्माण को सिर्फ प्रोत्साहित ही नहीं किया, बल्कि चार मंजिला अवैध कॉमर्शियल काम्पलेक्स का निर्माण करवा दिया।
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व से सूचना का अधिकार कानून के तहत प्राप्त दस्तावेज हवामहल जोन पूर्व में बैठे भ्रष्टाचारियों की पूरी कहानी बयां करते हैं।
हम हवामहल जोन पूर्व में बैठे उन भ्रष्टाचारियों की पूरी कथा के साथ अवैध निर्माणकर्ता और खरीददारों के नाम और करतूतों को अगले अंकों में विस्तार से बयां करेंगे। इनमें एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी सहित सात किरदारों और जयपुर नगर निगम के भ्रष्ट और नाकारा लगभग 8 अफसरों और कारिंदों का भी खुलासा होगा!



