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पार्षद पद का दुरूपयोग कर दो अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले

भाजपा पार्षद अनिल बम्ब के खिलाफ कब कार्यवाही करेंगी मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे?
जयपुर (अग्रगामी) जयपुर नगर निगम में नासूर की तरह फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की औकात किस भाजपाई पार्षद में है, जरा अपनी जुबान तो खोले माई का लाल!
AGRAGAMI SANDESHहमने उजागर किया है जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निदेशक विधि, जोन आयुक्तों और उनके मातहतों की मिलीभगत से भारतीय जनता पार्टी के जयपुर नगर निगम में एक पार्षद अनिल बम्ब द्वारा अपने पार्षद पद का गम्भीर दुरूपयोग कर अवैध रूप से दो कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण के मामले! जिनमें जयपुर नगर निगम के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव, वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल, निदेशक विधि अशोक सिंह सहित नगर निगम के हवामहल जोन (पूर्व) एवं हवामहल जोन (पश्चिम) आयुक्तों और उनके मातहत भ्रष्ट कारिंदों की मिलीभगत से जयपुर नगर निगम के पार्षद अनिल बम्ब ने अपने पार्षद पद का दुरूपयोग कर सारीे कायदे कानूनों तो तक में रख कर दो गैरकानूनी बिना इजाजत अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बना लिये हैं। शर्मनाक स्थिति यह है कि अब नगर निगम जयपुर वार्ड नम्बर-59 का यह पार्षद इन कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों को टुकडों में बेच कर करोड़ों की कमाई की कोशिश में जुटा है! जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल और इनके मातहत नगर निगम का पूरा अमला इस पार्षद अनिल बम्ब को अपने पद का दुरूपयोग कर फायदा पहुंचाने में शायद करोडों की काली कमाई में भागीदारी के चलते बचाने में जुटा है। हम हकीकत की परत-दर-परत यहां खुलासा करते हैं।
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम की चौकडी मोदीखाना में भवन म्युनिसिपल संख्या 937, सेठी भवन, गोवर्धननाथ की गली, चूरूकों का रास्ता, चौड़ा रास्ता, जयपुर को विनयकांता बिल्डकॉम  प्राइवेट लिमिटेड, 01, एमआई रोड़, जयपुर ने इनके मालिकों प्रसन्न कुमार सेठी और बाबूलाल सेठी से गत 01 अक्टूबर, 2012 को खरीदा! इसके बाद जयपुर नगर निगम के वार्ड 59 के पार्षद अनिल बम्ब ने 29 सितम्बर, 2012 को अपने आप को विनयकांता बिल्डकॉम का डायरेक्टर बताते हुए और भवन संख्या 937, चूरूकों का रास्ता, चौकडी मादीखाना, जयपुर का निवासी बताते हुए एक शपथ पत्र जयपुर नगर निगम को पेश किया जिसके क्रम संख्या-6 में साफ-साफ लिखा है कि यह कि भवन के हम/मैं एवं हमारे/मेरे उत्तराधिकारी किसी भी तरह से व्यावसायिक उपयोग नहीं करेगें ना ही किसी को व्यावसायिक उपयोग हेतु किराये पर देगें। ना ही व्यावसायिक उपयोग हेतु विक्रय करेंगे। इससे आगे शपथ पत्र के क्रम संख्या-8 में भी साफ-साफ लिखा है कि यह कि भवन निर्माण का आवासीय उपयोग स्वीकृति के अनुसार ही करेगें किसी तरह स्वीकृति से हट कर व्यावसायीक उपयोग नहीं करेंगे।
अब शर्मनाक स्थिति देखिये कि शपथ पत्र में दर्शाये गये पते पर जयपुर नगर निगम के पार्षद अनिल बम्ब का आवास है ही नहीं, वे इस पते पर रहते ही नहीं हैं! उनके आवास का पता 1473, बारह गणगौर का रास्ता, चौकडी विश्वेश्वरजी, जयपुर है! उनके वास्तविक आवास का पता जयपुर नगर निगम के रेकार्ड पर उपलब्ध है। विनयकांता बिल्डकॉम प्रा.लि.का दफ्तर भी 01, एमआई रोड़, जयपुर पर है और वह रेकार्ड पर उपलब्ध है। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि शपथ पत्र में दिये गये पार्षद अनिल बम्ब और विनयकांता बिल्डकॉम का पता गलत है!
यही नहीं इस शपथ पत्र के क्रम संख्या-6, 8, 9, 10, 12, 14, 15 में अनिल बम्ब द्वारा वर्णित शपथपूर्वक दिये गये बयान का भी गम्भीर उलंघन किया गया है।
अब अगला तमाशा देखिये कि जयपुर नगर निगम के पार्षद द्वारा निर्माण हेतु दिये गये नोटिस प्रपत्र में प्रेषक के स्थान पर साफ-साफ लिखा है कि प्रेषक : श्री अनिल कुमार बम्ब पुत्र श्री विनयचंद जी बम्ब डायरेक्टर विनयकांता बिल्डकॉम प्रा.लि., म.न. 937, चूरूकों का रास्ता, चौकडी मोदीखाना, जयपुर! इससे साफ जाहिर होता है कि यह भवन म्युनिसिपल संख्या 937, पार्षद अनिल बम्ब की निजी सम्पत्ति है। इसकी पुष्टि जयपुर नगर निगम के आयुक्त हवामहल जोन पश्चिम द्वारा भवन मानचित्र समिति को प्रेषित ऐजेंडे और उनकी अभिशंषा से भी परिलिक्षित होता है। जयपुर नगर निगम द्वारा दैनिक भास्कर दिनांक 16 मार्च, 2013 में प्रकाशित विज्ञापन के क्रम संख्या-1 पर पत्रावली संख्या 2/2069 के आगे लिखा आवेदक का नाम भी इसकी पुष्टि करता है। जयपुर नगर निगम द्वारा जारी रसीद संख्या 201/9303 भी इनकी पुष्टि करती है।
लेकिन जयपुर नगर निगम के किसी भी अफसर और कारिंदे ने शपथ पत्र में दर्ज गलत जानकारी और शपथ पत्र के कॉलम 6, 8, 9,10, 12, 14, 15 के उलंघन के मामले में आज तक राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा-194 एवं 245 के तहत कोई कार्यवाही इसलिये नहीं की कि अनिल बम्ब जयपुर नगर निगम के वार्ड-59 से भारतीय जनता पार्टी का पार्षद है।
आज भारतीय जनता पार्टी के वार्ड नम्बर-59 के पार्षद का म्युनिसिपल भवन संख्या 937 में चार मंजिला अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स राजस्थान की भाजपा सरकार और जयपुर नगर निगम के आकाओं और प्रदेश भाजपा पर गहरा तमाचा जड़ते हुए शान से खड़ा अपने ग्राहकों की इंतजार करते हुए जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल की इस मामले में लिप्त भ्रष्ट हकरतों को भी उजागर कर रहा है।
जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल के पास इस भवन म्युनिसिपल नम्बर 937, चूरूकों का रास्ता, चौकडी मोदीखाना, चौड़ा रास्ता, जयपुर की फाइल सरण संख्या 2/2069 गत साल 21 अक्टूबर, 2013 को ही भिजवा दी गई थी। जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम के पत्र क्रमांक 1681 दिनांक 21 अक्टूबर, 2013 के जरिये भेजी गई इस फाइल को मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल ने पिछले आठ महिनों से अपने पास दबा कर रखा है और इस भवन को तोडऩे के आदेश जारी नहीं कर रहे हैं। अब फाइल दबाओ प्रकरण में असवाल ही बता सकते हैं कि फाइल दबाने ओर इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स को तोडऩे से रूकवाने के लिये कितने में क्या सौदा हुआ!
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से सवाल किया है कि अपने पार्षद पद का दुरूपयोग करने वाले जयपुर नगर निगम के वार्ड-59 के पार्षद अनिल बम्ब के खिलाफ पद के दुरूपयोग के मामले में वे कब कार्यवाही करेंगी और पार्षद अनिल बम्ब को अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सबनाने में मदद करने वाले जयपुर नगर निगम के सीईओ और उनके अधीनस्थ अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कब होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही? जवाब दें मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे!

 
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