अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

परमात्मा ही अब देश का मालिक!

पिछले गुरूवार को देश की संसद में जो कुछ देखने को मिला वह अभूतपूर्व एवं शर्मनाक था। क्या अवाम अपने चुनिंदा जनप्रतिनिधियों को संसद में इस ही लिये भेजता है कि वे अवाम को शर्मसार करें!
पिछले पांच सालों का अगर हम संसद के दोनों सदनों का लेखाजोखा लें, तो अत्यन्त दु:खदायी स्थिति सामने आयेगी। लोकहित के अधिकांश मुद्दों पर कोई सार्थक बहस हुई हो, ऐसा नजर नहीं आता है। दोनों सदनों का अधिकांश वक्त शोर शराबों और हुड़दंग में बीत गया। किसी भी राजनैतिक दल के चुनिंदा सांसद ने सदन को सुचारू रूप से चलाये जाने के लिये न तो कोई पैरवी की और न ही पहल!
जब भारत जैसे विश्व के एक विशाल गणतंत्र के अवाम द्वारा चुनिंदा संसद के ये हालात हैं तो फिर ऐसी विधायिका की जरूरत ही क्या है? फिर तो इससे अच्छा है कि किसी स्टालिन या हिटलर जैसे तानाशाह के हाथ में देश की सत्ता सौंप दी जानी चाहिये, ताकि कम से कम अवाम तो सुख चैन से रह सके। वैसे भी अब तो हमारे देश के अवाम का मालिक परमात्मा ही है!

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क