जयपुर (अग्रगामी) फारवर्ड ब्लाक के संस्थापक क्रान्तिकारी देशभक्त सुभाष चंद्र बोस के 117वें जन्मदिन पर विभिन्न संस्थाओं ने कार्यक्रम आयोजित किये। ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक की राजस्थान स्टेट कमेटी मुख्यालय पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में पार्टी के स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड़ हीराचंद जैन ने उपस्थित पार्टी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की किसी भी हवाई दुर्घटना में मौत नहीं हुई है। देश के कुछ गद्दार राजनेताओं की मित्र राष्ट्रों अमरीका और ब्रिटेन से सांठगांठ के चलते, नेताजी को अमरीकी/ब्रिटिश गुप्तचरों ने अपने शिकंजे में ले लिया और क्यूबा द्वीप में स्थित अमरीका की बदनाम ग्वांतानामो जेल में वाटर बोर्डिंग जैसी क्रूर यातनाऐं देकर उनकी हत्या कर दी गई। यही कारण है कि उनसे सम्बन्धित दस्तावेजों को यह कहते हुए सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है कि ऐसा करने से इन देशों से सम्बन्ध बिगड़ जायेंगे। उन्होंने आगे बताया कि अमरीकी-ब्रिटिश हत्यारों द्वारा नेताजी की हत्या किये जाने के प्रकरण को उच्च स्तरीय रूप से अमरीकी-ब्रिटिश दलाल राजनेताओं द्वारा दबाने के लिये भ्रामक प्रचार किये जा रहे हैं ताकि अमरीकी अत्यारों के खिलाफ कार्यवाही न हो!
कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सुभाष चौक पर भी नेताजी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थाओं में उल्लास के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया गया।
कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सुभाष चौक पर भी नेताजी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थाओं में उल्लास के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया गया।
हत्या का नृंशस तरीका
वाटर बोर्डिंग
वाटर बोर्डिंग
वाटर बोर्डिंग टॉर्चर एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी शख्स को पीठ के बल लिटा दिया जाता है और उसके चेहरे पर पतला कपड़ा या प्लास्टिक डाल दी जाती है इसके बाद उसके चेहरे पर लगातार तेज धार से पानी डाला जाता है। इससे उसे डूबने का एहसास होता है और ऐसा लगाता करने से फेफड़े और दूसरे अंगो पर खतरनाक असर पड़ता है और इसकी वजह से जबरदस्त मानसिक तनाव होता है और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।


