नई दिल्ली/जयपुर (अग्रगामी) ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक ने केंद्र सरकार से मांग केी है कि आधार कार्ड परियोजना को तत्काल स्थगित किया जाये और घरेलू गैस सब्सीडी सहित अन्य सरकारी वित्तपोषित योजनाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करें।
फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने यहां बताया कि आधार कार्ड परियोजना का कोई आधार नहीं है। संसद में आधार परियोजना से सम्बन्धित कोई नीतिगत या अन्य किसी तरह का फैसला नहीं हुआ। आधार कार्ड से सम्बन्धित एक बिल लोकसभा में लम्बित है और संसद को उस पर निर्णय लेना है। ऐसे हालात में आधार परियोजना का कोई संवैधानिक स्टेटस नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी बिना संवैधानिक आधार वाली इस आधार परियोजना की आलोचना की है।
फारवर्ड ब्लाक ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि आधार कार्ड बनवाने के लिये जो व्यक्तिगत जानकारियां प्राप्त की जा रही है, उनका देशी और विदेशी प्राइवेट कम्पनियों द्वारा दुरूपयोग किये जाने के गम्भीर हालात पैदा हो गये हैं और इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी गम्भीर खतरे में है।
फारवर्ड ब्लाक का केंद्र सरकार से साफ और स्पष्ट सवाल है कि जब देश के नागरिक के पास परिचय के लिये मतदाता आईडी, राशन कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, पैन कार्ड जैसे कई परिचय पत्र हैं तो फिर आधार कार्ड की किस लिये और किस मायने में आवश्यकता है?
फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेके्रटरी हीराचंद जैन ने सवाल उठाया है किजब आधार कार्ड का कोई संवैधानिक आधार ही नहीं है, ऐसी स्थिति में आधार परियोजना पर हजारों करोड़ रूपये व्यय करना अत्यन्त गैर जुम्मेदारान कृत्य है और इस सारी परियोजना को तत्काल समाप्त किया जाये।
ज्ञातव्य रहे कि घरेलू गैस एवं अन्य सरकारी अनुदान पोषित योजनाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण आम अवाम में गहरा आक्रोश पनप रहा है, लेकिन दक्षिणपंथी राजनैतिक दल इस मामले में मौन साधे हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर फारवर्ड ब्लाक 23 जनवरी से अवाम में जन जागरण अभियान चलायेगा और आधार से होने वाले नुकसान से अवाम को अवगत करवायेगा।
फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने यहां बताया कि आधार कार्ड परियोजना का कोई आधार नहीं है। संसद में आधार परियोजना से सम्बन्धित कोई नीतिगत या अन्य किसी तरह का फैसला नहीं हुआ। आधार कार्ड से सम्बन्धित एक बिल लोकसभा में लम्बित है और संसद को उस पर निर्णय लेना है। ऐसे हालात में आधार परियोजना का कोई संवैधानिक स्टेटस नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी बिना संवैधानिक आधार वाली इस आधार परियोजना की आलोचना की है।
फारवर्ड ब्लाक ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि आधार कार्ड बनवाने के लिये जो व्यक्तिगत जानकारियां प्राप्त की जा रही है, उनका देशी और विदेशी प्राइवेट कम्पनियों द्वारा दुरूपयोग किये जाने के गम्भीर हालात पैदा हो गये हैं और इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी गम्भीर खतरे में है।
फारवर्ड ब्लाक का केंद्र सरकार से साफ और स्पष्ट सवाल है कि जब देश के नागरिक के पास परिचय के लिये मतदाता आईडी, राशन कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, पैन कार्ड जैसे कई परिचय पत्र हैं तो फिर आधार कार्ड की किस लिये और किस मायने में आवश्यकता है?
फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेके्रटरी हीराचंद जैन ने सवाल उठाया है किजब आधार कार्ड का कोई संवैधानिक आधार ही नहीं है, ऐसी स्थिति में आधार परियोजना पर हजारों करोड़ रूपये व्यय करना अत्यन्त गैर जुम्मेदारान कृत्य है और इस सारी परियोजना को तत्काल समाप्त किया जाये।
ज्ञातव्य रहे कि घरेलू गैस एवं अन्य सरकारी अनुदान पोषित योजनाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण आम अवाम में गहरा आक्रोश पनप रहा है, लेकिन दक्षिणपंथी राजनैतिक दल इस मामले में मौन साधे हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर फारवर्ड ब्लाक 23 जनवरी से अवाम में जन जागरण अभियान चलायेगा और आधार से होने वाले नुकसान से अवाम को अवगत करवायेगा।


