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सचिवालय से बाहर नहीं निकल पा रही है वसुन्धरा राजे सरकार!

जयपुर (अग्रगामी) दो तिहाई से भी ज्यादा बहुमत से सत्ता में आई भाजपानीत वसुन्धरा राजे सरकार जमाखोरों-मुनाफाखोरों और कालाबाजारियों पर अंकुश लगाने के मुद्दे पर अभी तक कुछ भी नहीं सोच पाई है। यहां तक की सरकार शासन सचिवालय से बाहर निकलती भी नजर नहीं आ रही है।
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे विभाग दर विभाग अपनी ही 11 सूत्रीय, 60 दिवसीय कार्ययोजना की तैयारी में व्यस्त है, लेकिन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक पखवाडा बीत जाने के बाद भी उन्हें मंहगाई से पीडि़त गरीबों के दु:ख-दर्द नजर नहीं आ रहे हैं। मंहगाई से पीडि़त आम अवाम की पीड़ा को दूर करने के लिये जमाखोरों-कालाबाजारियों और मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्यवाही के लिये न तो खुद ने कोई आदेश जारी किये हैं और न ही उनके द्वारा नियुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री हेमसिंह भड़ाना अपना मुंह खोल रहे हैं!
पिछले एक पखवाड़े से सब्जियों और खाद्य पदार्थों के दाम निरन्तर बढ़ते ही जा रहे हैं। जमाखोरों और कालाबाजारियों पर प्रशासन का कोई नियन्त्रण नहीं होने के कारण बाजार में जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों का जंगलराज कायम हो गया है। अवाम को ऐसा अहसास होने लगा है कि शायद राज्य में कोई सरकार है ही नहीं!
विधानसभा में हार के चलते कांग्रेसी नेता और इनके सिपहसालार अपने-अपने दडबों में घुसे बैठे अपने घावों को सहलाने में जुटे हैं! वहीं भाजपाई लवाजमा अपनी अनपेक्षित जीत से भरमाया हुआ हवा में उड़ रहा है। इन्हें भी अवाम के दु:ख-दर्दों के बारे में सोचने के लिये लगता है, फुरसत नहीं है!
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर भाजपानीत वसुन्धरा राजे सरकार और भाजपाई नेताओं का यही जनविरोधी रूख आगे भी कुछ महिने कायम रहा तो इसका भारी खमियाजा भाजपा को आनेवाले लोकसभा चुनावों में उठाना पड़ सकता है।
सूत्र बताते हैं कि अवाम ने वोट भाजपा के पक्ष में नहीं डाले। अवाम ने मंहगाई, बेरोजगारी और अपराध नियन्त्रण में असफल रहने वाले सत्ताधीशों को सत्ता से हटाने के लिये वोट डाले थे, लेकिन चुनावों में दो तिहाई बहुमत पाने के बाद भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार भी शायद अवाम को भूल गई है, क्योंकि उसका ध्यान आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत के लक्ष्य की ओर भटक गया है। नतीजन अवाम को नजरन्दाज किया जा रहा है।
राजनैतिक विश्लेषकों को इस बात पर आश्चर्य हो रहा है कि अरविन्द केजरीवाल द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लिये जाने के तुरन्त बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तेजी से हरकत में आ रहे हैं, जबकि उन्हें पता है कि आप की सरकार दुधारी तलवार पर चल रही है, लेकिन अन्जाम से बेफिक्र उन्होंने जनता से किये वादों पर काम करना शुरू कर दिया है, उधर राजस्थान में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिलने के बाद भी वसुन्धरा राजे सरकार सुस्ताई सी, अलसाई सी राज्य शासन सचिवालय में अकड़ी-जकड़ी पड़ी है!

 
AGRAGAMI SANDESH

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