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चुनावों की घोषणा के साथ राजनैतिक पार्टियों में सरगर्मियां तेज!

 दिल्ली/जयपुर (अग्रगामी) देश के पांच राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस.सम्पत ने गत 4 अक्टूबर को सांय निर्वाचन सदन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में की। अग्रगामी संदेश ने अपने पिछले अंकों में साफ-साफ लिखा था कि चुनावों की घोषणा 5 अक्टूबर को हो सकती है।
राजस्थान विधानसभा चुनावों में नामांकन के लिये अधिसूचना मंगलवार 5 नवम्बर को होगी! नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 नवम्बर, नामांकन की जांच और छटनी 13 नवम्बर, नाम वापस लेने की तारीख 16 नवम्बर, 2013 रहेगी। रविवार 01 दिसम्बर को मतदान होगा और रविवार 8 दिसम्बर, 2013 को मतगणना शुरू होगी और तब तक चलेगी जबतक मतगणना पूरी नहीं हो जायेगी। चुनावी प्रक्रिया 11 दिसम्बर, 2013 से पहिले ही पूरी कर ली जायेगी।
मतदान पूरा होने के 48 घंटे बाद तक कोई चुनावी सर्वे पिं्रट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर जारी नहीं होंगे। अग्रगामी संदेश ने राजस्थान में चुनावी दंगल में जुटी पार्टियों की जमीनी हकीकत अपने पिछले अंकों में उजागर की थी, उसमें फिलहाल कोई बदलाव नहीं है।
उधर कांग्रेस पार्टी अपनी सरकार की पिछले डेढ़ साल की उपलब्धियों के बूते पर चुनावी मैदान में खम ठोकती नजर आ रही है। जबकि भाजपा, कांग्रेस विरोध के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने के लिये पूरी ताकत से जुटी है, क्योंकि भाजपा के पास अपनी उपलब्धियों का कोई खजाना नहीं है जिसके सहारे वह वोटरों को लुभा सके।
उधर सांसद किरोडीलाल मीणा के मार्गदर्शन में एनपीपी प्रदेश में पहली बार चुनाव लड़ रही है। पिछले लगभग चार महिनों में उसका रूख भाजपा के खिलाफ रहा है। गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों में जमींदारां पार्टी ने कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। वामपंथी जनवादी दल फिलहाल पत्ते नहीं खोल रहे हैं। बसपा का कार्यकर्ता सम्मेलन हो जाने के बावजूद बसपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। पिछले दिनों जनता दल यूनाइटेड का भी कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ था, जिसमें कुछ अहम फैसले लिये गये थे, लेकिन उम्मीदवारों के बारे में अभी पार्टी मौन है।
प्रदेश में तीसरे मोर्चे के गठन की भागमभाग तो तेज हुई है, लेकिन तीसरे मोर्चे के गठन की कोई सार्थक पहल किसी भी स्तर पर व्यवहारिक रूप से नहीं हुई है। जनता दल यूनाइटेड के पदाधिकारी तीसरे मोर्चे के गठन के मुद्दे पर एनपीपी के स्थानीय नेताओं से मिले जरूर, लेकिन कोई ठोस नतीजा निकल कर नहीं आया।
उधर भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने, तो उनकी पार्टी के 50 प्रतिशत उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया दिल्ली में चल रही है। लेकिन दोनों ही पार्टियों ने यह समाचार लिखे जाने तक अपने एक भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है।
समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, एनसीपी सहित अन्य कुछ दलों में चुनावों को लेकर फिलहाल कोई सुगबुगाहट नहीं है। कुछ पार्टियां चुनावों से सम्बन्धित चुनाव आयोग की खानापूर्तियां पूरी करने में जुटी हैं। ऐसे में उनकी भी कोईजाहिर प्रतिक्रिया देखने-सुनने में नहीं आ रही है।
कुल मिला कर राजस्थान में चुनावी घमासान अन्य चार राज्यों के मुकाबले जबरदस्त होगा। भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत लगा कर चुनावों में बढ़त लेने की जी तोड़ कोशिश करेंगे। ऐसे में अन्य दलों की स्थिति रहेगी, उसका नतीजा तो इवीएम खोलेंगी, मतगणना के समय!

 
AGRAGAMI SANDESH

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