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भाजपा का ब्लैक पेपर सिर्फ बकवास!

रास्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा की अध्यक्ष श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुआई वाली प्रदेश की सरकार के घोटालों पर ब्लैक पेपर जारी किया है। ब्लैक पेपर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके मंत्रियों के घोटालों सहित अन्य कई घोटालों का खुलासा किया गया है।
राज्य विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा होने और आचार सहिंता लागू होने के बाद वसुन्धरा राज ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित उनके मंत्रिमण्डल के सहयोगियों पर जो आरोपों की बौछार की है उसके चलते हकीकत में खुद वसुन्धरा राजे ही सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है!
पहला सवाल उठता है कि जो ब्लैक पेपर चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद जारी किया गया है, उसे पिछले साढे तीन सालों तक क्यों जारी नहीं किया गया? क्योंकि जो आरोप उसमें दर्शाये गये हैं वे तो काफी पुराने हैं और उनमें से कई तो न्यायपालिका के घेरे में हैं।
दूसरा सवाल यह उठता है कि मैडम जी ने गहलोत सरकार के घोटालों की विस्तृत शिकायत लोकायुक्त से क्यों नहीं की? अगर लोकायुक्त को शिकायत की जाती तो उस पर कार्यवाही जरूर होती!
तीसरा सवाल है कि जिन मामलों में इन्वेस्टीगेशन ऐजेंसियों ने कार्यवाही की है और कोर्ट ने प्रसंज्ञान लिया है और वैधानिक कार्यवाही जारी है उसमें सरकार सीधे-सीधे कहां लिप्त मानी जायेगी! यह भी सवाल उठता है कि अगर श्रीमती वसुन्धरा राजे मुख्यमंत्री बन भी जाती है तो क्या गारंटी है कि इन मामलों में जो अदालती कार्यवाही चल रही है, उसमें सरकार का निष्पक्ष रोल रहेगा?
श्रीमती वसुन्धरा राजे और किरीट सोमैय्या को सिर्फ गहलोत सरकार के घोटाले नजर आ रहे हैं, उन्हें राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के चुनिंदा जनप्रतिनिधियों के घोटाले नजर नहीं आ रहे हैं। भाजपा के ये दोनों ही नेता प्रदेश की राजधानी जयपुर के भाजपा पार्षदों के वार्डों में जायें और जांच करें कि इन पार्षदों के वार्डों में कितने अवैध बिना इजाजत कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का निर्माण हो गया है और हो रहा है! अकेले राजधानी में भाजपा के चुनिंदा पार्षदों और विधायकों के सानिध्य में गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण से ही जयपुर नगर निगम को लगभग एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के राजस्व से वंचित रहना पड़ा है। इन्कम टैक्स और सर्विस टैक्स की करोड़ों रूपये की चोरी का मुद्दा अलग है।
इस मुद्दे पर वसुन्धरा राजे और किरीट सौमय्या ने अपना मुंह क्यों बंद कर रखा है? सीधा जवाब है कि भाजपा के कुछ चुनिंदा जनप्रतिनिधियों ने करोड़ों का नजराना भू-माफियाओं और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बिल्डरों से जो वसूला है!
हमारी चुनौती है, श्रीमती वसुन्धरा राजे ओर किरीट सौमय्या को, कि चलें वो हमारे साथ, जयपुर महानगर के रास्तों, गली मौहल्लों में और देखें भाजपाईयों के भ्रष्टाचार को, जो वे खुले आम कर रहे हैं। हम यह नहीं कहते हैं कि कांग्रेसी दूध के धुले हैं। हमारा कथन है कि भ्रष्टाचार को भ्रष्टाचार के नजरिये से ही देखा जाना चाहिये और सभी भ्रष्टाचारियों पर समान रूप से कार्यवाही होनी चाहिये चाहे वह कितना ही बड़ा हो या किसी भी राजनैतिक दल से जुड़ा हो।
वसुन्धरा राजे द्वारा जारी ब्लैक पेपर सिर्फ चुनावी स्टंट है और इस चुनावी स्टंट को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मुहिम के रूप में नहीं देखा जा सकता है। अगर वसुन्धरा राजे को भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलानी ही थी तो क्यों वे पिछले साढ़े चाल साल जनता के बीच में नहीं आई? क्यों कोप भवन में बिराजी रहीं?

 
AGRAGAMI SANDESH

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