जयपुर (अग्रगामी) राज्य में आचार सहिंता लागू होने के साथ ही जयपुर नगर निगम में बैठे भ्रष्ट और बेईमान अफसरों और कारिंदों की पौ बारह पच्चीस हो गई है। जो भ्रष्ट और बेईमान अफसर पर्दे के पीछे बैठ कर राजस्थान की राजधानी जयपुर के नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और गैरकानूनी अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों का निर्माण कराते रहे हैं, अब वे खुलेआम मूंछों पर ताव देकर सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण और गैरकानूनी तरीके से बिना इजाजत तामीर कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले भू-माफिया, अवैध कंस्ट्रक्शन कम्पनियों, ठेकेदारों से मोटा नजराना वसूल कर अवैध निर्माण कराने में लिप्त हो गये हैं।
जयपुर नगर निगम से जुड़े सूत्रों का साफ-साफ मानना है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में डायरेक्टर लॉ अशोक सिंह, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल और जोन आयुक्तों का एक काकस बन गया है, जो अपने चहेते भू-माफियाओं को जयपुर महानगर की चार दिवारी क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में गैर कानूनी बिना इजाजत कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण करने में पुरजोर सहयोग कर रहे हैं।
अफसरों के इस काकस की नजराना वसूली और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनवाओ नौटंकी के चलते सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौंसले बुलंद हो गये हैं। सीईओ जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल नजराना देऊ भू-माफिया और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माणकर्ताओं पर कार्यवाही के लिये सतर्कता शाखा में मौजूद पुलिस फोर्स जोन आयुक्तों को उपलब्ध नहीं करवाते हैं और न ही जिला पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से पुलिस फोर्स उपलब्ध करवा कर जोन आयुक्तों को अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराने और सील करवाने में मदद करते हैं।
उदाहरण के लिये चार दिवारी क्षेत्र के हवामहल जोन पूर्व में चौकडी विश्वेश्वरजी में स्थित भवन म्युनिसिपल संख्य 2313 में अवैध बिना इजाजत बने कॉमर्शियल काम्प्लेक्स रत्नश्री के खिलाफ कार्यवाही के लिये नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त बार-बार सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल से जाप्ता उपलब्ध करवाने के लिये मांग करते रहे और जोन आयुक्त द्वारा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ कार्यवाही के दिन जानबूझ कर नगर निगम के सीईओ जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में नजराने की वसूली के फेर में जाप्ता उपलब्ध नहीं करवाया गया! सूत्र बताते हैं कि इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने के पेटे दस लाख रूपये से ज्यादा नगर निगम के अफसर और कारिंदे भू-माफियाओं से वसूल चुके हैं। इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के हालात ये हैं कि इस काम्प्लेक्स में टैक्स चोरी का अवैध कपड़े का व्यापार होता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की नजराना वसूली हरकतों के चलते कार्यवाही से बचे इस कॉमर्शियल काम्प्लेक्स में अगर आग लग जाये तो पूरे इलाके में भयंकर तबाही होगी, क्योंकि काम्प्लेक्स के चारों ओर के किसी भी रास्ते से फायर ब्रिगेड के फायर टेण्डर वहां पहुंच की स्थिति में नहीं है।
इस ही बिल्डर से जुडे लोगों का एक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम की चौकडी विश्वेश्वरजी के गोपालजी के रास्ते में स्थित भवन म्युनिसिपल संख्या 1090 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की सरपरस्ती और आयुक्त हवामहल जोन पश्चिम की रहनुमाई में बनाया जा रहा है, लेकिन ये हुक्काम खूंटी तान कर सो रहे हैं!
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने बताया कि अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स रत्नश्री के साथ-साथ चौकडी विश्वेश्वरजी में ही रामललाजी के रास्ते में ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने पीतलियों के चौक के कार्नर पर स्थित भवन म्यूनिसिपल संख्या 2055 में बने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिये आयुक्त हवामहल जोन पूर्व ने नगर निगम के सतर्कता आयुक्त से कई बार जाप्ता मांगा था, लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले भू-माफिया गोवर्धनदास झंवर से सांठ-गांठ के चलते हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त को बार-बार आग्रह करने के बावजूद जाप्ता (पुलिस फोर्स) उपलब्ध नहीं करवाया गया। इससे साफ है हो जाता है कि अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माता से मोटा नजराना इन दोनों अफसरों सहित इनके अधीनस्थ नगर निगम में बैठे सम्बन्धित भ्रष्ट अफसरों ने वसूला है।
फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड हीराचंद जैन ने आगे बताया कि जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में नगर निगम के विद्याधर नगर जोन के आयुक्त और कारिंदों ने एक नायाब कारनामा कर दिखाया।
उन्होंने बताया कि फारवर्ड ब्लाक ने विद्याधर नगर जोन के नाहरी का नाका, झूलेलाल पार्क के सामने प्लाट नम्बर बी-48, बी-49 और बी-50 में अवैध रूप से बिना स्वीकृति (बिना इजाजत तामीर) के बनाये गये और बनाये जा रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों पर कार्यवाही करने का लिखित में आग्रह किया था। फारवर्ड ब्लाक की चिठ्ठियां सम्बन्धित फाइल पर रेकार्ड में हैं। सर्वोच्च न्यायालय की एम्पावर्ड कमेटी ने भी इस प्रकरण में कार्यवाही करने के लिये नगर निगम को लिखा था, लेकिन जयपुर नगर निगम के भ्रष्ट और बेईमान अफसरों ने तीन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में से बीच के एक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स को सीज कर बाकी दो अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों को नजराना वसूली के चक्कर में छोड़ दिया।
अब ये दो अवैध कॉमर्शियल काम्पलेक्स सर ऊंचा कर सीईओ जगरूप सिंह यादव, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल जोन आयुक्त और इनके मातहत नगर निगम के भ्रष्ट अफसरों और कारिंदों की बखिया उधेड रहे हैं और बता रहे हैं कि नगर निगम के अफसर कितने नजरानाखोर बेशर्म ओर जयपुर नगर निगम के खजाने पर डाका डलवाने के महारथी हैं।
अब आइये फिर चलते हैं नगर निगम हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट के कुंदीगर भैंरू के रास्ते में स्थित म्युनिसिपल भवन संख्या 4009, 4010, 4011 तक! इस भवन में अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण पिछले कई महिनों से हो रहा है। फारवर्ड ब्लाक ने इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स और उसमें अवैध रूप से बनाये जा रहे अण्डरग्राउण्ड (तहखाने) के मामले में पत्र लिख कर तत्काल सक्षम कार्यवाही करने का आग्रह किया था। लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और उनके अधीनस्थ अफसर और कारिंदे मामले को दबा कर बैठ गये।
इस ही तरह हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट में पुरानी कोतवाली का रास्ता स्थित भवन म्युनिसिपल संख्या 4269 में बन रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का प्रकरण भी नगर निगम के अफसर दबा कर बैठे हैं।
अकेले जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व एवं हवामहल जोन पश्चिम में ही अवैध रूप से बिना स्वीकृति (बिना इजाजत तामीर) लगभग 140 से ज्यादा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाये जा रहे हैं, जिन की जानकारी जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल, निदेशक विधि अशोक सिंह सहित जोन आयुक्तों और उनके अधीन अफसरों और कारिंदों को है। लेकिन सीईओ जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ति में भू-माफियाओं, अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले बिल्डरों, ठेकेदारों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का राज है। अब उपरोक्त हकीकतों के मद्दे नजर करें खुलासा जगरूप सिंह यादव और उनकी भजन मण्डली कि वे क्यों अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण को रोकना नहीं चाहते हैं। कितना नजराना मिलता है इन अवैध निर्माणों पर कार्यवाही नहीं करने के लिये!
अगली बार कुछ ओर खुलासों के साथ हम हाजिर होंगे। क्रमश:
जयपुर नगर निगम से जुड़े सूत्रों का साफ-साफ मानना है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में डायरेक्टर लॉ अशोक सिंह, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल और जोन आयुक्तों का एक काकस बन गया है, जो अपने चहेते भू-माफियाओं को जयपुर महानगर की चार दिवारी क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में गैर कानूनी बिना इजाजत कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण करने में पुरजोर सहयोग कर रहे हैं।
अफसरों के इस काकस की नजराना वसूली और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनवाओ नौटंकी के चलते सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौंसले बुलंद हो गये हैं। सीईओ जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल नजराना देऊ भू-माफिया और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माणकर्ताओं पर कार्यवाही के लिये सतर्कता शाखा में मौजूद पुलिस फोर्स जोन आयुक्तों को उपलब्ध नहीं करवाते हैं और न ही जिला पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से पुलिस फोर्स उपलब्ध करवा कर जोन आयुक्तों को अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराने और सील करवाने में मदद करते हैं।
उदाहरण के लिये चार दिवारी क्षेत्र के हवामहल जोन पूर्व में चौकडी विश्वेश्वरजी में स्थित भवन म्युनिसिपल संख्य 2313 में अवैध बिना इजाजत बने कॉमर्शियल काम्प्लेक्स रत्नश्री के खिलाफ कार्यवाही के लिये नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त बार-बार सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल से जाप्ता उपलब्ध करवाने के लिये मांग करते रहे और जोन आयुक्त द्वारा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ कार्यवाही के दिन जानबूझ कर नगर निगम के सीईओ जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में नजराने की वसूली के फेर में जाप्ता उपलब्ध नहीं करवाया गया! सूत्र बताते हैं कि इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने के पेटे दस लाख रूपये से ज्यादा नगर निगम के अफसर और कारिंदे भू-माफियाओं से वसूल चुके हैं। इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के हालात ये हैं कि इस काम्प्लेक्स में टैक्स चोरी का अवैध कपड़े का व्यापार होता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की नजराना वसूली हरकतों के चलते कार्यवाही से बचे इस कॉमर्शियल काम्प्लेक्स में अगर आग लग जाये तो पूरे इलाके में भयंकर तबाही होगी, क्योंकि काम्प्लेक्स के चारों ओर के किसी भी रास्ते से फायर ब्रिगेड के फायर टेण्डर वहां पहुंच की स्थिति में नहीं है।
इस ही बिल्डर से जुडे लोगों का एक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स नगर निगम के हवामहल जोन पश्चिम की चौकडी विश्वेश्वरजी के गोपालजी के रास्ते में स्थित भवन म्युनिसिपल संख्या 1090 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की सरपरस्ती और आयुक्त हवामहल जोन पश्चिम की रहनुमाई में बनाया जा रहा है, लेकिन ये हुक्काम खूंटी तान कर सो रहे हैं!
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने बताया कि अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स रत्नश्री के साथ-साथ चौकडी विश्वेश्वरजी में ही रामललाजी के रास्ते में ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने पीतलियों के चौक के कार्नर पर स्थित भवन म्यूनिसिपल संख्या 2055 में बने अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिये आयुक्त हवामहल जोन पूर्व ने नगर निगम के सतर्कता आयुक्त से कई बार जाप्ता मांगा था, लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल की अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले भू-माफिया गोवर्धनदास झंवर से सांठ-गांठ के चलते हवामहल जोन पूर्व के आयुक्त को बार-बार आग्रह करने के बावजूद जाप्ता (पुलिस फोर्स) उपलब्ध नहीं करवाया गया। इससे साफ है हो जाता है कि अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स निर्माता से मोटा नजराना इन दोनों अफसरों सहित इनके अधीनस्थ नगर निगम में बैठे सम्बन्धित भ्रष्ट अफसरों ने वसूला है।
फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड हीराचंद जैन ने आगे बताया कि जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ती में नगर निगम के विद्याधर नगर जोन के आयुक्त और कारिंदों ने एक नायाब कारनामा कर दिखाया।
उन्होंने बताया कि फारवर्ड ब्लाक ने विद्याधर नगर जोन के नाहरी का नाका, झूलेलाल पार्क के सामने प्लाट नम्बर बी-48, बी-49 और बी-50 में अवैध रूप से बिना स्वीकृति (बिना इजाजत तामीर) के बनाये गये और बनाये जा रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों पर कार्यवाही करने का लिखित में आग्रह किया था। फारवर्ड ब्लाक की चिठ्ठियां सम्बन्धित फाइल पर रेकार्ड में हैं। सर्वोच्च न्यायालय की एम्पावर्ड कमेटी ने भी इस प्रकरण में कार्यवाही करने के लिये नगर निगम को लिखा था, लेकिन जयपुर नगर निगम के भ्रष्ट और बेईमान अफसरों ने तीन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में से बीच के एक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स को सीज कर बाकी दो अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों को नजराना वसूली के चक्कर में छोड़ दिया।
अब ये दो अवैध कॉमर्शियल काम्पलेक्स सर ऊंचा कर सीईओ जगरूप सिंह यादव, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल जोन आयुक्त और इनके मातहत नगर निगम के भ्रष्ट अफसरों और कारिंदों की बखिया उधेड रहे हैं और बता रहे हैं कि नगर निगम के अफसर कितने नजरानाखोर बेशर्म ओर जयपुर नगर निगम के खजाने पर डाका डलवाने के महारथी हैं।
अब आइये फिर चलते हैं नगर निगम हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट के कुंदीगर भैंरू के रास्ते में स्थित म्युनिसिपल भवन संख्या 4009, 4010, 4011 तक! इस भवन में अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण पिछले कई महिनों से हो रहा है। फारवर्ड ब्लाक ने इस अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स और उसमें अवैध रूप से बनाये जा रहे अण्डरग्राउण्ड (तहखाने) के मामले में पत्र लिख कर तत्काल सक्षम कार्यवाही करने का आग्रह किया था। लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव और उनके अधीनस्थ अफसर और कारिंदे मामले को दबा कर बैठ गये।
इस ही तरह हवामहल जोन पूर्व की चौकडी घाटगेट में पुरानी कोतवाली का रास्ता स्थित भवन म्युनिसिपल संख्या 4269 में बन रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का प्रकरण भी नगर निगम के अफसर दबा कर बैठे हैं।
अकेले जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व एवं हवामहल जोन पश्चिम में ही अवैध रूप से बिना स्वीकृति (बिना इजाजत तामीर) लगभग 140 से ज्यादा अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाये जा रहे हैं, जिन की जानकारी जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगरूप सिंह यादव, सतर्कता आयुक्त अनिल गोठवाल, निदेशक विधि अशोक सिंह सहित जोन आयुक्तों और उनके अधीन अफसरों और कारिंदों को है। लेकिन सीईओ जगरूप सिंह यादव की सरपरस्ति में भू-माफियाओं, अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने वाले बिल्डरों, ठेकेदारों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का राज है। अब उपरोक्त हकीकतों के मद्दे नजर करें खुलासा जगरूप सिंह यादव और उनकी भजन मण्डली कि वे क्यों अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण को रोकना नहीं चाहते हैं। कितना नजराना मिलता है इन अवैध निर्माणों पर कार्यवाही नहीं करने के लिये!
अगली बार कुछ ओर खुलासों के साथ हम हाजिर होंगे। क्रमश:


