अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

28 सितम्बर मुनि कान्ति सागर का देवलोक गमन दिवस!

जयपुर (अग्रगामी) जैन संस्कृति के महान् पुरातत्ववेत्ता, संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान एवं नाकोड़ा तीर्थ संस्थापक व प्रतिष्ठापक खरतरगच्छाचार्य जिन कृष्णचंद्र सूरिश्वर के शिष्य उपाध्याय मुनि सुखसागर जी के लघु शिष्य मुनि कान्ति सागर का देवलोकगमन दिवस 28 सितम्बर को है।
मुनि कान्ति सागर का देवलोकगमन 28 सितम्बर, 1970 को सांयकाल जयपुर में हुआ था और 29 सितम्बर, 1970 को उनका अंतिम संस्कार मौनबाडी (मोहनबाडी) में हुआ था।
उनके अंतिम संस्कार स्थल पर उनकी एक छतरी, जिसमें उनके चरण स्थापित थे को गैर जुम्मेदारान ओर अधार्मिक तरीके से विलोपित कर दिया गया और अब उस अंतिम संस्कार स्थल को सुराना परिवार द्वारा बनाये जा रहे मंदिर परिसर में लुप्त किया जा रहा है। ज्ञातव्य रहे कि मुनि कान्ति सागर के चरर्णों को पुर्नस्थापित करने के लिये श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की साधारण सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। पिछले कुछ महिनों पहिले संघ की कार्यकारिणी ने पुन: उनके चरणों की पुर्नस्थापना का फैसला लिया था। लेकिन भौतिक रूप से उस पर कार्य जानबूझ कर प्रारम्भ नहीं किया जा रहा है।
हम इस सम्बन्ध में पुन: अहम जानकारियां अगले अंकों में जैन समुदाय के ध्यानाकर्षण हेतु प्रकाशित करेंगे, जिनमें समाज के कुछ धन्नासेठों और उनके चमचों-दुमछल्लों की धर्म के नाम पर की जा रही अधार्मिक हरकतें भी उजागर होंगी।

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क