नई दिल्ली/जयपुर (अग्रगामी) ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने देश के प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह से कहा है कि वे देश में पाकिस्तानी आतंकवाद का हव्वा खड़ा कर देश में आतंक फैलाने की अपनी हरकतों से बाज आयें और भारतीय सेना को तत्काल पीस फार्मेशन से हटाकर पाकिस्तानी बार्डर पर तैनात करने के साफ-साफ आदेश दें।
कामरेड हीराचंद जैन ने यह मांग भी की है कि जम्मू-काश्मीर में पाकिस्तानी सेना द्वारा मारे गये पांच सैनिकों और इससे पूर्व भारतीय सैनिकों के सिर काट कर ले जाने के मामलों में लापरवाही बरतने वाली भारतीय सेना के फार्मेशन कमाण्डरों को तत्काल उनके कमाण्ड क्षेत्रों से हटाया जाये और वारफेयर में माहिर चुनिंदा फार्मेशन कमाण्डरों को अग्रिम पंक्ति में इन निर्देशों के साथ लगाया जाये कि वे पाकिस्तानी सेना को उनके कृत्यों का जवाब उन्हीं की भाषा में दें!
उन्होंने सवाल किया है कि जब भारतीय सीमाओं पर पाकिस्तानी सेना दबाव बना रही है तब भारतीय सेना को पीस फार्मेशन में रखने का कोई औचित्य ही क्या है? उन्होंने प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से राजस्थान-पंजाब क्षेत्र में भी बीएसफ को फारवर्ड लाईन (प्रथम पंक्ति) से हटा कर सेना की सीमा क्षेत्र की फारवर्ड लाइन पर नियुक्ति इस आदेश के साथ की जाये कि सेना पाकिस्तानी सेना की हर करतूत का मुंह तोड़ जवाब दे और जरूरत पड़े तो देश की सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तानी इलाकों पर नियन्त्रण करे!
राजस्थान स्टेट फारवर्ड ब्लाक ने प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह से यह सवाल भी पूछा है कि क्या पाकिस्तानी जमात-उल-दावा के सरगना हाफिज सईद द्वारा दिल्ली में आतंकवादी हमले की आईबी द्वारा दी गई सूचना में दम है? यदि हां, तो फिर तत्काल भारतीय सेना को भी अन्दर घुसो और मारो के स्पष्ट निर्देश दिये जायें तथा पाकिस्तान को डिप्लोमेटिक चैनल्स के माध्यम से बता दिया जाये कि उसकी हर करतूत का साफ-साफ और सीधा जवाब दिया जायेगा।
कमरेड हीराचंद जैन ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब पाकिस्तान की भडकाऊ करतूतों पर नरम रूख अपना कर बातचीत जारी रखने की डॉ.मनमोहन सिंह सरकार जुगत बैठा सकती है तो सीमा पर पाकिस्तान की नापाक करतूतों का मुंह तोड़ जवाब देकर भी तो वार्ता जारी रखी जा सकती है!
कामरेड़ जैन ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान स्थितियों में तत्काल पीस फार्मेशन में तैनात सेना के फार्मेशन्स और कालम्स को राजस्थान-पंजाब से सटी इण्डो-पाक बार्डर पर प्रथम पंक्ति में प्राथमिकता से नियुक्त किया जाये और बीएसएफ को द्वितीय पंक्ति में नियुक्त किया जाये। ताकि पाकिस्तानी फौजों पर साफ-साफ सख्त दबाव बनाया जा सके! उन्होंने साफ किया है कि जम्मू-काश्मीर क्षेत्र में एलओसी पर पाकिस्तानी फौजों के दबाव को कम करने के लिये भी जरूरी है कि राजस्थान और पंजाब के सेक्टरों में पाकिस्तानी फौजों पर सख्त दबाव बनाय जाये।
कामरेड हीराचंद जैन ने यह मांग भी की है कि जम्मू-काश्मीर में पाकिस्तानी सेना द्वारा मारे गये पांच सैनिकों और इससे पूर्व भारतीय सैनिकों के सिर काट कर ले जाने के मामलों में लापरवाही बरतने वाली भारतीय सेना के फार्मेशन कमाण्डरों को तत्काल उनके कमाण्ड क्षेत्रों से हटाया जाये और वारफेयर में माहिर चुनिंदा फार्मेशन कमाण्डरों को अग्रिम पंक्ति में इन निर्देशों के साथ लगाया जाये कि वे पाकिस्तानी सेना को उनके कृत्यों का जवाब उन्हीं की भाषा में दें!
उन्होंने सवाल किया है कि जब भारतीय सीमाओं पर पाकिस्तानी सेना दबाव बना रही है तब भारतीय सेना को पीस फार्मेशन में रखने का कोई औचित्य ही क्या है? उन्होंने प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से राजस्थान-पंजाब क्षेत्र में भी बीएसफ को फारवर्ड लाईन (प्रथम पंक्ति) से हटा कर सेना की सीमा क्षेत्र की फारवर्ड लाइन पर नियुक्ति इस आदेश के साथ की जाये कि सेना पाकिस्तानी सेना की हर करतूत का मुंह तोड़ जवाब दे और जरूरत पड़े तो देश की सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तानी इलाकों पर नियन्त्रण करे!
राजस्थान स्टेट फारवर्ड ब्लाक ने प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह से यह सवाल भी पूछा है कि क्या पाकिस्तानी जमात-उल-दावा के सरगना हाफिज सईद द्वारा दिल्ली में आतंकवादी हमले की आईबी द्वारा दी गई सूचना में दम है? यदि हां, तो फिर तत्काल भारतीय सेना को भी अन्दर घुसो और मारो के स्पष्ट निर्देश दिये जायें तथा पाकिस्तान को डिप्लोमेटिक चैनल्स के माध्यम से बता दिया जाये कि उसकी हर करतूत का साफ-साफ और सीधा जवाब दिया जायेगा।
कमरेड हीराचंद जैन ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब पाकिस्तान की भडकाऊ करतूतों पर नरम रूख अपना कर बातचीत जारी रखने की डॉ.मनमोहन सिंह सरकार जुगत बैठा सकती है तो सीमा पर पाकिस्तान की नापाक करतूतों का मुंह तोड़ जवाब देकर भी तो वार्ता जारी रखी जा सकती है!
कामरेड़ जैन ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान स्थितियों में तत्काल पीस फार्मेशन में तैनात सेना के फार्मेशन्स और कालम्स को राजस्थान-पंजाब से सटी इण्डो-पाक बार्डर पर प्रथम पंक्ति में प्राथमिकता से नियुक्त किया जाये और बीएसएफ को द्वितीय पंक्ति में नियुक्त किया जाये। ताकि पाकिस्तानी फौजों पर साफ-साफ सख्त दबाव बनाया जा सके! उन्होंने साफ किया है कि जम्मू-काश्मीर क्षेत्र में एलओसी पर पाकिस्तानी फौजों के दबाव को कम करने के लिये भी जरूरी है कि राजस्थान और पंजाब के सेक्टरों में पाकिस्तानी फौजों पर सख्त दबाव बनाय जाये।


