जयपुर (अग्रगामी) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बेरूखी से भन्नाये मुनि तरूण सागर ने अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का दामन थाम लिया नजर आता है! गत सोमवार को मुनि तरूण सागर से राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मुलाकात की। वहीं जयपुर महानगर की मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश भाजपा महामंत्री कालीचरण सर्राफ भी मुनि जी का आर्शिवाद लेने जा पहुंचे।
उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बेरूखी के ही कारण मुनि तरूण सागर ने अपनी कृति कड़वे प्रवचन की कथित 20 फुट ऊंची प्रति का अनावरण भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष वसुन्धरा राजे से एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउण्ड में करवाने की जुगत बैठाई है और उनकी मूल प्रति का अनावरण नागपुर की 20 इंच लम्बाई वाली ज्योति भट्टारक जी नसियां में करेंगी!
एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउण्ड पर बने वाटरप्रुफ पांडाल में श्रोताओं की घटती संख्या से हैरान-परेशान मुनि ललितप्रभ सागर, मुनि चंद्रप्रभ सागर और मुनि तरूण सागर अब येन केन प्रकेरण पांडाल में भीड़ जुटाने के लिये नये-नये नुक्से अपनाने के लिये मजबूर होते जा रहे हैं। गत सोमवार को एक आईएएस अधिकारी से मुनि चंद्रप्रभ लिखित पुस्तक जीवन की पावफुल बातें का लोकार्पण करवाया गया और श्रोताओं को यह पुस्तक एक अन्य किताब के साथ मुफ्त बांटी गई! इस अवसर पर मुनि ललितप्रभ सागर ने घर को स्वर्ग कैसे बनाया जाये विषय पर प्रवचन दिया। लेकिन प्रवचन देते समय वे भूल गये कि उनके अहंकार, प्रचार लिप्सा के चलते उन्हीं के समाज का धार्मिक स्थल विचक्षण भवन वीरान पड़ा उनकी गैरजुम्मेदारान हरकत पर आंसू बहा रहा है तथा श्रद्धालुओं को धार्मिक कृत्य सम्पन्न करने के लिये अन्यन्त्र जाना पड़ रहा है!
उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बेरूखी के ही कारण मुनि तरूण सागर ने अपनी कृति कड़वे प्रवचन की कथित 20 फुट ऊंची प्रति का अनावरण भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष वसुन्धरा राजे से एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउण्ड में करवाने की जुगत बैठाई है और उनकी मूल प्रति का अनावरण नागपुर की 20 इंच लम्बाई वाली ज्योति भट्टारक जी नसियां में करेंगी!
एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउण्ड पर बने वाटरप्रुफ पांडाल में श्रोताओं की घटती संख्या से हैरान-परेशान मुनि ललितप्रभ सागर, मुनि चंद्रप्रभ सागर और मुनि तरूण सागर अब येन केन प्रकेरण पांडाल में भीड़ जुटाने के लिये नये-नये नुक्से अपनाने के लिये मजबूर होते जा रहे हैं। गत सोमवार को एक आईएएस अधिकारी से मुनि चंद्रप्रभ लिखित पुस्तक जीवन की पावफुल बातें का लोकार्पण करवाया गया और श्रोताओं को यह पुस्तक एक अन्य किताब के साथ मुफ्त बांटी गई! इस अवसर पर मुनि ललितप्रभ सागर ने घर को स्वर्ग कैसे बनाया जाये विषय पर प्रवचन दिया। लेकिन प्रवचन देते समय वे भूल गये कि उनके अहंकार, प्रचार लिप्सा के चलते उन्हीं के समाज का धार्मिक स्थल विचक्षण भवन वीरान पड़ा उनकी गैरजुम्मेदारान हरकत पर आंसू बहा रहा है तथा श्रद्धालुओं को धार्मिक कृत्य सम्पन्न करने के लिये अन्यन्त्र जाना पड़ रहा है!


