जयपुर (अग्रगामी) राज्य सूचना आयोग ने दो अलग-अलग प्रकरणों में सूचनाऐं उपलब्ध नहीं करवाने पर चूरू जिले की सरदारशहर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी पर 25-25 हजार रूपये (कुल पचास हजार रूपये) का जुर्माना किया है।
ज्ञातव्य रहे कि अपीलार्थी जयन्त कुमार जैन ने सूचना का अधिकार कानून 2005 के तहत अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर से अतिक्रमणों व नाजायज कब्जों से सम्बन्धित बहुत ही स्पष्ट और सटीक सूचनाएं चाही थी। लेकिन अपीलार्थी के दोनों ही आवेदनों के सम्बन्ध में अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर ने सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई! साथ ही प्रथम अपील का विनिश्चय भी नहीं किया गया। इस पर मजबूर होकर अपीलार्थी जयन्त कुमार जैन को द्वितीय अपील राजस्थान सूचना आयोग के समक्ष दायर करनी पड़ी।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि द्वितीय अपील के क्रम में प्रत्यर्थी ने अपीलार्थी की अपील का कोई उत्तर आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। यही नहीं आयुक्त, नगर पालिका सरदारशहर ने आयोग द्वारा पश्चातवर्ती पंजीकृत डाक से जारी सूचना का अधिकार कानून 2005 की धारा 20(1) के नोटिस को गम्भीरा से लेकर जवाब भी नहीं दिया। आयोग ने अपने फैसले में आगे लिखा है कि लगता है कि प्रत्यर्थी ने सूचना उपलब्ध नहीं करवाने का मानस बना लिया है तथा उनकी लापरवाही एवं उदासीनता के चलते अपीलार्थी आज भी वांच्छित सूचना से महरूम चल रहे हैं। अत: प्रत्यर्थी को निर्देश दिये जाते हैं कि आदेश प्राप्ति के 21 दिवस में दोनों प्रकरणों में वांच्छित सूचना निशुल्क जरिये पंजीकृत डाक भिजवाना सुनिश्चित करेंगे।
आयोग ने सूचना देने में स्पष्ट रूपसे अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर को दोषी मानते हुए प्रत्येक प्रकरण में 25 हजार रूपये शास्ति अधिरोपित करते हुए निर्देश दिये हैं कि अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर उक्त राशि आदेश प्राप्ति से 30 दिवस में जरिये डिमाण्ड ड्राफ्ट सचिव राजस्थान सूचना आयोग को भिजवाना सुनिश्चित करें।
ज्ञातव्य रहे कि अपीलार्थी जयन्त कुमार जैन ने सूचना का अधिकार कानून 2005 के तहत अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर से अतिक्रमणों व नाजायज कब्जों से सम्बन्धित बहुत ही स्पष्ट और सटीक सूचनाएं चाही थी। लेकिन अपीलार्थी के दोनों ही आवेदनों के सम्बन्ध में अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर ने सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई! साथ ही प्रथम अपील का विनिश्चय भी नहीं किया गया। इस पर मजबूर होकर अपीलार्थी जयन्त कुमार जैन को द्वितीय अपील राजस्थान सूचना आयोग के समक्ष दायर करनी पड़ी।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि द्वितीय अपील के क्रम में प्रत्यर्थी ने अपीलार्थी की अपील का कोई उत्तर आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। यही नहीं आयुक्त, नगर पालिका सरदारशहर ने आयोग द्वारा पश्चातवर्ती पंजीकृत डाक से जारी सूचना का अधिकार कानून 2005 की धारा 20(1) के नोटिस को गम्भीरा से लेकर जवाब भी नहीं दिया। आयोग ने अपने फैसले में आगे लिखा है कि लगता है कि प्रत्यर्थी ने सूचना उपलब्ध नहीं करवाने का मानस बना लिया है तथा उनकी लापरवाही एवं उदासीनता के चलते अपीलार्थी आज भी वांच्छित सूचना से महरूम चल रहे हैं। अत: प्रत्यर्थी को निर्देश दिये जाते हैं कि आदेश प्राप्ति के 21 दिवस में दोनों प्रकरणों में वांच्छित सूचना निशुल्क जरिये पंजीकृत डाक भिजवाना सुनिश्चित करेंगे।
आयोग ने सूचना देने में स्पष्ट रूपसे अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर को दोषी मानते हुए प्रत्येक प्रकरण में 25 हजार रूपये शास्ति अधिरोपित करते हुए निर्देश दिये हैं कि अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका सरदारशहर उक्त राशि आदेश प्राप्ति से 30 दिवस में जरिये डिमाण्ड ड्राफ्ट सचिव राजस्थान सूचना आयोग को भिजवाना सुनिश्चित करें।


