पिछले दिनों आयकर विभाग द्वारा मारे गये छापों में यह उजागर हुआ कि सामाजिक संस्थाओं में ऊंचे पदों पर कालेधन के मालिक काबिज हैं।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना एवं इनके परिजनों पर पिछले दिनों आयकर विभाग ने छापे मारे एवं पचास करोड़ से भी अधिक की अघोषित सम्पत्ति सुराना समूह से बरामद की।
जो लोग गैर कानूनी कार्यों में शामिल हों और जिनके यहां कालाधन बरामद हो, ऐसे लोगों को समाजसेवी नहीं कहा जा सकता! ऐसे लोगों को सामाजिक संगठनों में कब्जाये गये पदों से इस्तीफा दे देना चाहिये। जहां तक सुराना समूह का सवाल है अघोषित सम्पत्ति 50 करोड़ से ज्यादा की है। अभी जांच चल रही है और यह राशि और अधिक बढऩे की सम्भावना है। ऐसी स्थिति में कुशलचंद सुराना और विमलचंद सुराना को किसी भी पद पर नहीं रहना चाहिये। ज्ञातव्य रहे कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ में संघ अध्यक्ष पद पर काबिज कुशलचंद सुराना को समाज ने नहीं चुना है। उन्हें कार्यकारिणी के 26 सदस्यों ने सहवृत किया था। ऐसी स्थिति में इन 26 सदस्यों को भी इस्तीफा देकर संघ के चुनाव करवा कर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाना चाहिये। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर में गम्भीर अनियमिततायें हो रहीं है ऐसी स्थिति में कुशलचंद सुराना सहित सम्पूर्ण कार्यकारिणी को इस्तीफा देना एक अनिवार्य पहलू बन गया है!
जयपुर के रत्न व्यवसायियों और ज्वैलरी व्यवसायियों में यह अफवाह भी है कि जो 50 करोड़ से अधिक की धन राशि सुराना बंधुओं ने आयकर अफसरों के सामने सरण्डर की है उसमें से एक मोटी रकम श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यों हेतु प्राप्त राशि शामिल है। जोकि वास्तव में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के बहीखातों में जमा होनी चाहिये थी, लेकिन जमा नहीं हुई और सुराना बंधुओं ने मोटी रकम अपने पास बेनामी धन के रूप में रख लिया।
ऐसी स्थिति में यह भी जांच करने योग्य मुद्दा है कि धार्मिक कार्यों हेतु प्राप्त श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर की कितनी राशि बिना किसी लेखेजोखे के सुराना बंधुओं के पास रखी है।
ज्ञातव्य रहे कि मारबल घोटाला, मारबल हेतु 50 लाख अग्रिम भुगतान, मौनबाडी में अवैध निर्माण और निर्माणकार्य में घोटाला, जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित यात्री निवास में अन्य ट्रस्ट बना कर किया गया घोटाला, मालपुरा में निर्माण और जमीन खरीद की आड़ में होने वाले घोटालों सहित कई घोटालों को अग्रगामी संदेश उजागर कर चुका है और इनकी जांच की मांग भी लगातार होती रही है जो प्रक्रियाधीन है!
वैसे श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के संघ अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मंडली को संघ की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे देना चाहिये लेकिन इस्तीफा नहीं देने से भी यह साबित हो जाता है कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। पिछले महिनों उजागर हुये तथ्यों से भी यह साबित हो गया था कि अध्यक्ष कुशलचंद सुराना एवं इनकी भजन मंडली ने संघ में भारी अनियमिततायें की है और ऐसी स्थिति में भ्ज्ञी इन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के अध्यक्ष कुशलचंद सुराना एवं इनके परिजनों पर पिछले दिनों आयकर विभाग ने छापे मारे एवं पचास करोड़ से भी अधिक की अघोषित सम्पत्ति सुराना समूह से बरामद की।
जो लोग गैर कानूनी कार्यों में शामिल हों और जिनके यहां कालाधन बरामद हो, ऐसे लोगों को समाजसेवी नहीं कहा जा सकता! ऐसे लोगों को सामाजिक संगठनों में कब्जाये गये पदों से इस्तीफा दे देना चाहिये। जहां तक सुराना समूह का सवाल है अघोषित सम्पत्ति 50 करोड़ से ज्यादा की है। अभी जांच चल रही है और यह राशि और अधिक बढऩे की सम्भावना है। ऐसी स्थिति में कुशलचंद सुराना और विमलचंद सुराना को किसी भी पद पर नहीं रहना चाहिये। ज्ञातव्य रहे कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ में संघ अध्यक्ष पद पर काबिज कुशलचंद सुराना को समाज ने नहीं चुना है। उन्हें कार्यकारिणी के 26 सदस्यों ने सहवृत किया था। ऐसी स्थिति में इन 26 सदस्यों को भी इस्तीफा देकर संघ के चुनाव करवा कर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाना चाहिये। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर में गम्भीर अनियमिततायें हो रहीं है ऐसी स्थिति में कुशलचंद सुराना सहित सम्पूर्ण कार्यकारिणी को इस्तीफा देना एक अनिवार्य पहलू बन गया है!
जयपुर के रत्न व्यवसायियों और ज्वैलरी व्यवसायियों में यह अफवाह भी है कि जो 50 करोड़ से अधिक की धन राशि सुराना बंधुओं ने आयकर अफसरों के सामने सरण्डर की है उसमें से एक मोटी रकम श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यों हेतु प्राप्त राशि शामिल है। जोकि वास्तव में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के बहीखातों में जमा होनी चाहिये थी, लेकिन जमा नहीं हुई और सुराना बंधुओं ने मोटी रकम अपने पास बेनामी धन के रूप में रख लिया।
ऐसी स्थिति में यह भी जांच करने योग्य मुद्दा है कि धार्मिक कार्यों हेतु प्राप्त श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर की कितनी राशि बिना किसी लेखेजोखे के सुराना बंधुओं के पास रखी है।
ज्ञातव्य रहे कि मारबल घोटाला, मारबल हेतु 50 लाख अग्रिम भुगतान, मौनबाडी में अवैध निर्माण और निर्माणकार्य में घोटाला, जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित यात्री निवास में अन्य ट्रस्ट बना कर किया गया घोटाला, मालपुरा में निर्माण और जमीन खरीद की आड़ में होने वाले घोटालों सहित कई घोटालों को अग्रगामी संदेश उजागर कर चुका है और इनकी जांच की मांग भी लगातार होती रही है जो प्रक्रियाधीन है!
वैसे श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर के संघ अध्यक्ष कुशलचंद सुराना और उनकी भजन मंडली को संघ की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे देना चाहिये लेकिन इस्तीफा नहीं देने से भी यह साबित हो जाता है कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.) जयपुर में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। पिछले महिनों उजागर हुये तथ्यों से भी यह साबित हो गया था कि अध्यक्ष कुशलचंद सुराना एवं इनकी भजन मंडली ने संघ में भारी अनियमिततायें की है और ऐसी स्थिति में भ्ज्ञी इन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।


