जयपुर (अग्रगामी) पिछले आठ महिनों में राजस्थान की वसुन्धरा राजे सरकार ने जनहित का कोई भी कार्य नहीं किया। पहले भरतपुर संभाग और फिर बीकानेर एवं उदयपुर संभाग में वसुन्धरा राजे सरकार राजनैतिक पिकनिक मनाती रही और अब कोटा सम्भाग में राजनैतिक पिकनिक मनाने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। अपनी नाकामयाबियों को छुपाने के लिये मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने मंत्रीमण्डल में फेरबदल का एक नया शगुफा भी छेड़ दिया है ताकि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी में वसुन्धरा राजे सरकार के खिलाफ पनप रहे आक्रोश को दबाया जा सके। मंहगाई, कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी, भू-माफिया, बिल्डर माफिया पर अंकुश लगाने में असफल रही वसुन्धरा राजे सरकार स्थानीय निकाय चुनावों के लिये चंदा चिटठा बटोरने में जुट गई है और मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे और उनके कुछ मंत्रीमण्डल के सहयोगियों में यह बात गहरे से पेठी हुई है कि मंत्रीमण्डल विस्तार स्थानीय निकाय चुनाव एवं राजनैतिक नियुक्तियों के माध्यम से कुर्सी बांटो अभियान के जरिये राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ एवं भारतीय जनता पार्टी में पनप रहे आक्रोश को दबाया जा सके।
जिस दिन से वसुन्धरा राजे सरकार ने राजस्थान में सत्ता की बागड़ोर सम्भाली है उसके बाद से ही वसुन्धरा राजे सरकर ने आम अवाम की अनदेखी शुरू कर दी। आक्रोशित अवाम ने राजस्थान में हुये पिछले उपचुनाव में श्रीमती राजे समर्पित उम्मीदवारों को हरा कर यह संदेश दे दिया है कि वसुन्धरा राजे सरकार द्वारा आम अवाम की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और जनता को जब भी मौका लगेगा वसुन्धरा राजे सरकार के जनविरोधी क्रियाकलापों का जमकर विरोध किया जायेगा।
वसुन्धरा राजे सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रीमण्डल के सहयोगियों को भी आभास होने लगा है कि मंहगाई, कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी, भू-माफिया, बिल्डर माफिया से त्रस्त जनता को जब भी और जहां भी मौका लगेगा वह सरकार का जम कर विरोध करेगी। चूंकि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अगले माह तक होने वाले मंत्रीमण्डलीय विस्तार में अपने पांच स्वंयसेवक विद्यायकों को मंत्री पद दिलवाना चाहता है इसलिये चुप है। लेकिन कुल मिला करा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भाजपा में गहरा अन्दरूनी घमासान चल रहा है और ऊंट किस करवट बैठेगा किसी को पता नहीं है।
जिस दिन से वसुन्धरा राजे सरकार ने राजस्थान में सत्ता की बागड़ोर सम्भाली है उसके बाद से ही वसुन्धरा राजे सरकर ने आम अवाम की अनदेखी शुरू कर दी। आक्रोशित अवाम ने राजस्थान में हुये पिछले उपचुनाव में श्रीमती राजे समर्पित उम्मीदवारों को हरा कर यह संदेश दे दिया है कि वसुन्धरा राजे सरकार द्वारा आम अवाम की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और जनता को जब भी मौका लगेगा वसुन्धरा राजे सरकार के जनविरोधी क्रियाकलापों का जमकर विरोध किया जायेगा।
वसुन्धरा राजे सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रीमण्डल के सहयोगियों को भी आभास होने लगा है कि मंहगाई, कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी, भू-माफिया, बिल्डर माफिया से त्रस्त जनता को जब भी और जहां भी मौका लगेगा वह सरकार का जम कर विरोध करेगी। चूंकि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अगले माह तक होने वाले मंत्रीमण्डलीय विस्तार में अपने पांच स्वंयसेवक विद्यायकों को मंत्री पद दिलवाना चाहता है इसलिये चुप है। लेकिन कुल मिला करा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भाजपा में गहरा अन्दरूनी घमासान चल रहा है और ऊंट किस करवट बैठेगा किसी को पता नहीं है।


