हमने पिछले अंक में नैनमल भंसाली के हवाले से बताया था कि बाड़मेर जिले में श्वेताम्बर जैन खरतरगच्छ समुदाय के लगभग तीन हजार परिवार निवास करते हैं इन परिवारों के सदस्यों के दस हजार से ज्यादा अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनाये जा चुके हैं और तीन हजार से ज्यादा मामलों में अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही चल रही है। अजमेर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित अन्य जिलों में भी जैन समुदाय के अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनाने का कार्य गतिशील है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में जैन समुदाय के एक वर्ग के लोगों ने गोठ आयोजित कर अपने वर्ग के लोगों के लिये अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही को जिला प्रशासन के सहयोग से अंजाम दिया।
लेकिन श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर, श्री जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ जयपुर, श्री जैन श्वेताम्बर स्थानकवासी समुदायों के पांचों संघों व संगठनों में से एक ने भी अपने समुदाय के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कोई सार्थक पहल नहीं की है। दिगम्बर-श्वेताम्बर एकता का पाखंड़ करने वाले लोगों ने भी जैन समुदाय के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कोई पहल आज तक नहीं की है। श्वेताम्बर जैन समुदाय की अधिकांश सामाजिक संस्थाओं में पदाधिकारी राजनैतिक रूप से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और सत्तारूढ़ दल से अपने फायदे को भुनाने के लिये सांठगांठ करते रहते हैं। इन संगठनों से जुड़े ज्यादातर पदाधिकारी एवं उनके मातहत अपनी निजी फायदे के लिये तो मंत्रियों और अफसरों से ले देकर अपने निजी काम कराने में मशगूल रहते हैं लेकिन समाज के आम लोगों के लिये काम करना वे अपनी तोहीन समझते हैं। समाज से तो इनका सम्बन्ध सामाजिक संस्था में पदाधिकारी बनने के लिये वोट मांगने का ही रहता है। इसके बाद अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिये वे संस्था के पदाधिकारी पद का दुरूपयोग तो करते हैं लेकिन आम समाज के हित के लिये काम करने में इन्हें शर्म महसूस होती है।
अपने हित साधन में जुटे जैन समाजों के पदाधिकारियों से हमारी गुजारिश है कि वे अपने हितों की पूर्ति के साथ-साथ आम समाज बंधुओं के हित की पूर्ति के लिये भी कार्य करें अन्यथा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी के रूप में कार्य करना बंद करें व अपने पदों से स्तीफा दें!-आशीष कुमार जैन
लेकिन श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजिस्टर्ड) जयपुर, श्री जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ जयपुर, श्री जैन श्वेताम्बर स्थानकवासी समुदायों के पांचों संघों व संगठनों में से एक ने भी अपने समुदाय के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कोई सार्थक पहल नहीं की है। दिगम्बर-श्वेताम्बर एकता का पाखंड़ करने वाले लोगों ने भी जैन समुदाय के समाज बंधुओं हेतु अल्पसंख्यकता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कोई पहल आज तक नहीं की है। श्वेताम्बर जैन समुदाय की अधिकांश सामाजिक संस्थाओं में पदाधिकारी राजनैतिक रूप से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और सत्तारूढ़ दल से अपने फायदे को भुनाने के लिये सांठगांठ करते रहते हैं। इन संगठनों से जुड़े ज्यादातर पदाधिकारी एवं उनके मातहत अपनी निजी फायदे के लिये तो मंत्रियों और अफसरों से ले देकर अपने निजी काम कराने में मशगूल रहते हैं लेकिन समाज के आम लोगों के लिये काम करना वे अपनी तोहीन समझते हैं। समाज से तो इनका सम्बन्ध सामाजिक संस्था में पदाधिकारी बनने के लिये वोट मांगने का ही रहता है। इसके बाद अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिये वे संस्था के पदाधिकारी पद का दुरूपयोग तो करते हैं लेकिन आम समाज के हित के लिये काम करने में इन्हें शर्म महसूस होती है।
अपने हित साधन में जुटे जैन समाजों के पदाधिकारियों से हमारी गुजारिश है कि वे अपने हितों की पूर्ति के साथ-साथ आम समाज बंधुओं के हित की पूर्ति के लिये भी कार्य करें अन्यथा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी के रूप में कार्य करना बंद करें व अपने पदों से स्तीफा दें!-आशीष कुमार जैन


