जयपुर (अग्रगामी) अपने छह महिनों के कार्यकाल में अवाम के हितों की अनदेखी करने वाली राजस्थान में भाजपा सरकार की मुखिया वसुन्धरा राजे ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके पास ऐसी कोई जादू की छड़ी नहीं है कि जिसे घुमाते ही बदलाव आ जाये। उन्होंने तो यहां तक कहा बताते हैं कि जनता ने हमें पांच साल का समय दिया है और हम पांच सालों में बदलाव लायेंगे। याने कि आम अवाम को मंहगाई, बेरोजगारी के साथ-साथ जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, भ्रष्टाचारियों के जुल्मोंसितम सहने के लिये आने वाले वक्त में तैयार रहना होगा! क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की वसुन्धरा राजे का पूरा ध्यान अपने विरोधियों और विपक्षी नेताओं से निपटने में लगा हुआ है।
राजस्थान में 108 एम्बुलेंस घोटाले को लेकर पुलिस में प्रदेश मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत, चिकित्सा मंत्री दुर्रूमियां और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट सहित सात से अधिक लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में जयपुर नगर निगम के पूर्व महापौर पंकज जोशी ने मुकदमा दर्ज करवाया है और आनन-फानन में सीआईडी ने जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि सचिन पायलट ने पंकज जोशी को मानहानि का कानूनी नोटिस भिजवा दिया है। वहीं जयपुर विकास प्राधिकरण ने महावीर कैंसर अस्पताल को अनियमितताओं के मद्देनजर नोटिस भेजा है। दोनों ही मामलों से पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य जुड़े हैं। सूत्र बताते हैं कि इनके अलावा भी राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे अन्य कुछ मामलों में जिन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उनके परिजनों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता की आशंका है, जांच करवा रहीं है! लेकिन राजस्थान में खासकर राज्य की राजधानी में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करने की सोच तक वसुन्धरा राजे सरकार में नहीं है?
जयपुर नगर निगम में भाजपा के कई पार्षद गैर कानूनी अवैध निर्माण प्रकरणों और बिना इजाजत अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माणों की गतिविधियों में संलिप्त हैं। लेकिन राजस्थान की वसुन्धरा राजे सरकार इन भाजपा पार्षदों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रही है!
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड हीराचंद जैन ने वसुन्धरा राजे सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन सचिव, जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को चुनौती दी है कि अगर वसुन्धरा राजे प्रशासन में दम है तो अवैध और गैर कानूनी कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण में लिप्त जयपुर नगर निगम के वार्ड-59 के पार्षद अनिल बम्ब सहित अन्य दोषी पार्षदों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही कर उन्हें पार्षद पद से हटाया जाये तथा उनसे जुड़े अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में लगे कालेधन की विस्तृत जांच केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से करवाई जाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचारियों, भू-माफियाओं, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, जमाखोरों का जंगलराज चल रहा है और वसुन्धरा राजे प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। उन्होंने वसुन्धरा राजे से मांग की है कि या तो भू-माफियाओं, जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, भ्रष्टाचारियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाये या फिर वसुन्धरा राजे अपने पद से इस्तीफा दें।
राजस्थान में 108 एम्बुलेंस घोटाले को लेकर पुलिस में प्रदेश मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत, चिकित्सा मंत्री दुर्रूमियां और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट सहित सात से अधिक लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में जयपुर नगर निगम के पूर्व महापौर पंकज जोशी ने मुकदमा दर्ज करवाया है और आनन-फानन में सीआईडी ने जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि सचिन पायलट ने पंकज जोशी को मानहानि का कानूनी नोटिस भिजवा दिया है। वहीं जयपुर विकास प्राधिकरण ने महावीर कैंसर अस्पताल को अनियमितताओं के मद्देनजर नोटिस भेजा है। दोनों ही मामलों से पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य जुड़े हैं। सूत्र बताते हैं कि इनके अलावा भी राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे अन्य कुछ मामलों में जिन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उनके परिजनों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता की आशंका है, जांच करवा रहीं है! लेकिन राजस्थान में खासकर राज्य की राजधानी में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करने की सोच तक वसुन्धरा राजे सरकार में नहीं है?
जयपुर नगर निगम में भाजपा के कई पार्षद गैर कानूनी अवैध निर्माण प्रकरणों और बिना इजाजत अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माणों की गतिविधियों में संलिप्त हैं। लेकिन राजस्थान की वसुन्धरा राजे सरकार इन भाजपा पार्षदों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रही है!
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड हीराचंद जैन ने वसुन्धरा राजे सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन सचिव, जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को चुनौती दी है कि अगर वसुन्धरा राजे प्रशासन में दम है तो अवैध और गैर कानूनी कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण में लिप्त जयपुर नगर निगम के वार्ड-59 के पार्षद अनिल बम्ब सहित अन्य दोषी पार्षदों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही कर उन्हें पार्षद पद से हटाया जाये तथा उनसे जुड़े अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में लगे कालेधन की विस्तृत जांच केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से करवाई जाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचारियों, भू-माफियाओं, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, जमाखोरों का जंगलराज चल रहा है और वसुन्धरा राजे प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। उन्होंने वसुन्धरा राजे से मांग की है कि या तो भू-माफियाओं, जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, भ्रष्टाचारियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाये या फिर वसुन्धरा राजे अपने पद से इस्तीफा दें।


