अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

जयपुर की श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा में लाखों का निर्माण एवं मारबल घोटाल उजागर!

जयपुर (अग्रगामी) स्थानीय श्री श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा में निर्माण घोटाले के साथ-साथ मारबल घोटाला भी उजागर हुआ है। इसमें श्रीमाल सभा के प्रबंधकों ने तो कमाल ही कर दिखाया है। सूत्र बताते हैं कि बिना सरकारी निर्माण स्वीकृति के जो निर्माण श्रीमाल सभा द्वारा टौंक जिले के मालपुरा उपखण्ड मुख्यालय पर निर्माणाधीन मंदिर में कराया जा रहा है उस ही निर्माण को एक अन्य फर्म दी राजस्थान मारबल एवं मिनरल्स से उन्हीं शर्तों एवं स्पेसिफिकेशन पर वर्तमान लागत मूल्य से 20 लाख रूपये कम में करने का आफर गत 10 मई, 2013 को दिया था।
श्रीमाल सभा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि लगभग 64 लाख रूपये से अधिक की लागत से निर्माणाधीन मालपुरा मंदिर के निर्माण के लिये श्रीमाल सभा के प्रबंधकों ने न तो कोई टेण्डर आमान्त्रित किया और न ही किसी तरह के कोई कोटेशन आमन्त्रित किये। जबकि एक अन्य फर्म ने श्रीमाल सभा द्वारा मालपुरा में निर्माणाधीन मंदिर को वर्तमान लागत मूल्य से 20 लाख रूपये कम में तैयार करने का ऑफर दिया था।
सूत्र बताते हैं कि धार्मिक मंदिर निर्माण से सम्बन्धित वास्तु को नजरन्दाज कर पूरे मंदिर का निर्माण सीमेंट कंकरीट से करवाया जा रहा है और सीमेंट कंकरीट के निर्माण पर कुम्हारी मारबल लगाया (पेस्ट) जायेगा। ताकि निर्माण लागत कम आये और निर्माण ठेकेदार को ज्यादा फायदा हो सके! जबकि होना यह चाहिये था कि खम्बे, गुम्बद व अन्य आवश्यक कलात्मक कारीगरी के लिये सिर्फ मकराना सफेद मारबल का उपयोग ही किया जाता।
जब इस मामले में अग्रगामी संदेश ने आगे पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। श्री श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा की कार्यकारिणी की 26 जुलाई, 2013 से मार्च, 2014 की कार्यकारिणी की बैठकों की कार्यवाही को खंगाला जाये तो साफ हो जायेगा कि श्री श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा की कार्यकारिणी द्वारा गठित निर्माण समिति में सुनील मेहमवाल और कुशलचंद सुराना भी शामिल हैं। सुनील महमवाल को बाद में 26 अगस्त, 2013 की कार्यकारिणी बैठक में निर्माण समिति के संयोजक विनोद श्रीमाल को हटा कर निर्माण समिति का संयोजक बना दिया गया! वैसे सुनील मेहमवाल श्रीमाल सभा के उपाध्यक्ष भी हैं। ज्ञातव्य रहे कि ये वहीं कुशलचंद सुराना और सुनील मेहमवाल हैं जिन का नाम किशनचंद डागा और इकबाल (मोहम्मद इकबाल उर्फ नेपाली) के साथ श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ मारबल खरीद घोटाला काण्ड में उजागर हुआ है।
श्री श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा की 8 अक्टूबर, 2013 की कार्यकारिणी की बैठक में मोहम्मद इकबाल और अनिल झाडचूर का उल्लेख होने पर हमने दोनों से सम्पर्क साधने की कोशिश की। मोहम्मद इकबाल से सम्पर्क नहीं हो सका। वहीं अनिल झाडचूर ने स्वीकार किया कि उन्होंने 10 मई, 2013 को श्रीमाल सभा को पत्र लिख कर मालपुरा मंदिर निर्माण में आ रही वर्तमान निर्माण लागत से 20 लाख रूपये कम में निर्माण कार्य करने हेतु अपनी रजामंदी लिखित में दी है। ऐसी स्थिति में श्रीमाल सभा के पदाधिकारी इस मामले में अपने समाज को लगभग 20 लाख रूपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। मोहम्मद इकबाल का चूंकि श्रीमाल सभा की कार्यकारिणी की बैठक में लेनदेन (भुगतान) के प्रसंग में जिक्र आया है, जोकि अत्यन्त गम्भीर किस्म का है। सवाल यहां यह उठता है कि मोहम्मद इकबाल उर्फ नेपाली का जिक्र श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ मारबल खरीद घोटाले में संघ अध्यक्ष कुशलचंद सुराना, किशनचंद डागा, सुनील मेहमवाल के साथ भी शामिल है। ऐसी स्थिति में यह जानना आवश्यक हो जाता है कि मोहम्मद इकबाल उर्फ नेपाली का समाज के कर्णधारों से क्या व्यक्तिगत सम्बन्ध हैं और इकबाल को समय-समय पर जो भुगतान श्री श्वेताम्बर जैन श्रीमाल सभा ने किया है, उस पर स्त्रोत पर टीडीएस काटा गया या नहीं? जिन नामों से श्रीमाल सभा ने मालपुरा मंदिर निर्माण और मोतीडूंगरी दादाबाडी में निर्माणकर्ताओं को चैक से या नकद भुगतान किया गया है, उस पर टीडीएस काटा गया है कि नहीं? मालपुरा मंदिर निर्माण से क्या मुकेश सोमपुरा और रमजान जुड़े हैं? अगर हां तो क्या मोहम्मद इकबाल के साथ ही इन लोगों से भी निर्माण कार्य हेतु एग्रीमेंट हुआ है? क्या श्रीमाल सभा ने निर्माण कार्य हेतु वास्तुविद् नियुक्त कर उससे निर्माण हेतु नक्क्षे तैयार करवाये हैं? निर्माण उसी के अनुरूप हो रहा है अथवा नहीं? निर्माण और जीर्णेद्धार में क्या पुरातत्व संरक्षण कानूनों का ध्यान रखा जा रहा है? क्या इन निर्माण ठेकेदारों के पास निर्माण कार्य सम्पन्न करवाने के लिये आवश्यक मैनपावर है? क्या ये ठेकेदार कांट्रेक्ट लेबर सिस्टम अबालिशन एक्ट और न्यूनतम वेतन अधिनियम तथा माइन्स एक्ट एवं अन्य सम्बन्धित कानूनों और आरएसटी/सीएसटी हेतु पंजीकृत है? क्या ये अपनी आयकर रिर्टन दाखिल कर रहे हैं? सवाल यह भी उठता है कि श्रीमाल सभा के पदाधिकारियों ने क्या निर्माण ठेकेदारों से इस सम्बन्ध में इन आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां हांसिल कर ली है? हम इस प्रकरण में विस्तार से लिखेंगे!

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क