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भाजपा और नरेन्द्र मोदी की आड़ में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सहयोग से मुकेश अंबानी चाहते हैं देश की सत्ता पर नियन्त्रण!

नई दिल्ली/जयपुर (अग्रगामी) भारतीय उद्योग जगत के नामचीन उद्योगपति मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप सहित कुछ अन्य नामचीन उद्योगपतियों के साथ मिल कर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनवाने के लिये ऐडी चोटी का जोर लगा रहे हैं। अगर उद्योग जगत के अंदरूनी सूत्रों की बात मानी जाये तो अंबानी ने अपने स्वामित्व वाली मीडिया कम्पनियों सहित अंबानी ग्रुप की विभिन्न कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे नरेन्द्र मोदी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनवाने के लिये पर्याप्त सीटें दिलवाने हेतु कोई कोर कसर न छोड़ें! ज्ञातव्य रहे कि ये वे ही मुकेश अंबानी और उनका अंबानी ग्रुप है जिस पर ईराक की बर्बादी में अमरीका को सहयोग करने का अरोप लगा था। आज यही अंबानी ग्रुप अपने अन्य उद्योगपति सहयोगियों और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से तालमेल बैठा कर नरेन्द्र मोदी को भारत का अगला प्रधानमंत्री बनाने की जी तोड़ कोशिश कर रहा है, ताकि देश की सत्ता पर नियन्त्रण किया जा सके और मुकेश अंबानी की इस तुरूप चाल के पीछे अमरीका का स्पष्ट दखल बताया जा रहा है!
उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अंबानी ग्रुप पिछले कुछ महिनों में नरेन्द्र मोदी के प्रचार हेतु पांच सौ करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च कर चुका है और आगे चुनावों के दौरान 1250 करोड़ खर्च करने की तैयारी में है। वहीं अंबानी ने अपने स्वामित्व वाले मीडिया संस्थानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से मोदी को चुनाव प्रचार में फायदा पहुंचाने के लिये सक्रिय कर दिया है।
अकेले राजस्थान की अगर बात की जाये तो मिशन-25 का भाजपाई उद्घोष, उद्योगपति मुकेश अंबानी की ही देन बताई जाती है। मुकेश अंबानी चाहते हैं कि राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से सारी की सारी सीटें भाजपा को मिलें। इसके लिये उन्होंने अंबानी ग्रुप के बड़े अधिकारियों को राज्य में तहसील और जिला स्तर पर नियुक्त किया बताया जाता है। मुकेश अंबानी के ये सेवादार गुपचुप तरीके से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भाजपा के मोदी समर्थकों के साथ मिल कर प्रदेश में भाजपा के मिशन-25 को पूरा करने की पूरी ताकत से जुगत बैठा रहे हैं।
राजस्थान में जिस तरह वरिष्ठ भाजपाई नेताओं की गम्भीर अनदेखी कर अंबानी प्लान के जरिये राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अंदरखाने भाजपा की चुनावी कमान सम्भाले हुए है, उससे राज्य स्तर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है और मिशन-25 को धता बताते हुए लगभग आधा दर्जन भाजपाई दिग्गज निर्दलीय के रूप में चुनाव में उतर सकते हैं। लेकिन मुकेश अंबानी के सिपहसालारों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में फैल रहे आक्रोश को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, राज्य में मोदी के वफादार भाजपा नेताओं और धनबल के बूते पर काबू पा लिया जायेगा। हालांकि राज्य के बाड़मेर, जोधपुर, पाली, जयपुर, चुरू, बीकानेर सहित अन्य सात जिलों में भाजपा में जो घमासान चल रहा है उसको दबाने के लिये उन्होंने कांग्रेस पार्टी में फूट डालने की रणनीति भी अपनाई है। जिसके तहत कांग्रेसी नेताओं में दुराव पैदा करवा कर राजस्थान के पूर्व मुख्य मंत्री अशोक गहलोत और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.चंद्रभाव को कांग्रेसी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करवाने से दरकिनार करवाया जा रहा है। राज्य में कांग्रेस और भाजपा के अलावा अन्य कोई भी पार्टी इस स्थिति में नहीं है कि वे भाजपा की टक्कर में आमने सामने का मुकाबला कर सके।
मुकेश अंबानी के राजस्थान में गुपचुप रूप से डेरा डाले हुए सिपहसालारों ने चुनिंदा भाजपाईयों और आरएसएस कैडर को कांग्रेस के जिला स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में अपने राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के खिलाफ बगावती तेवर अपनाने के लिये उकसाने की एक गहरी रणनीति भी इस्तेमाल करने की योजना बनाई है और इसके लिये जरूरी धनबल भी जुटाया जा रहा है।
पिछले एक महिने से भाजपा में आयाराम को तवज्जो दी जा रही है। कल तक जो नेता नांगले भाजपा के धुर विरोधी रहे हैं, वे आज गले में मोदी नाम का भाजपाई दुपट्टा डाल कर मोदी का गुणगान कर रहे हैं। एक तरफ लालकृष्ण आडवानी, मुरलीमनोहर जोशी, जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा जैसे वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं को भाजपा में दरकिनार कर कांग्रेस पार्टी के कुछ बे पैंदे के नेताओं को भाजपा में शामिल कर मोदी लहर का माहौल बनाने की तथा कुछ खबरिया चैनलों, जिसमें अंबानी ग्रुप के चैनल भी शामिल हैं, में भाजपा की तगडी बढ़त बताई जाने की भी रणनीति मुकेश अंबानी के बोर्ड रूम व ड्राइंग रूम में ही बनी है।
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ को मुगालता है कि मोदी को देश के प्रधानमंत्री पद पर थोप कर वह देश में कट्टर नास्तीवादी, सामन्तवादी, हिन्दुत्ववादी सरकार बनवा कर देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करवाने की तुरूप चलायेंगे। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अग्रिम संगठन विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने पिछले महिने कहा बताते हैं कि अगर देश में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो वे अल्पसंख्यक का संवैधानिक दर्जा ही खत्म करवा देंगे। इससे भी साफ हो जाता है कि पर्दे के पीछे से भारत गणतंत्र को हिन्दू राष्ट्र बनाने की गहरी साजिशें कुछ हिन्दुत्ववादी पूंजीपति घरानों के सहयोग से रचि जा रही है।
एक तरफ राष्ट्रीय स्तर पर नरेन्द्र मोदी के लिये मीडिया में हो रहे धुंआधार प्रचार में जनता को मंहगाई से पीडि़त बता कर कांग्रेस के खिलाफ जनआक्रोश भड़काने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं राजस्थान में मंहगाई से पीडि़त जनता को राज्य सरकार ने जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों के शायद हवाले ही कर दिया है। राज्य में वसुन्धरा राजे सरकार बने तीन महिने पूरे हो चुके हैं, लेकिन भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार ने इन तीन महिनों में एक भी जमाखोर, कालाबाजारिये या मुनाफाखोर के खिलाफ कार्यवाही नहीं की है। ये जमाखोर, कालाबाजारिये और मुनाफाखोर हर महिने करोड़ों रूपये की टैक्स चोरी भी करते हैं, लेकिन सरकार भाजपा के चुनावी चंदे के फेर में इनके खिलाफ कार्यवाही करने से गुरेज करती है।
अब चूंकि देश की सत्ता पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के जरिये और अमरीकी सहयोग से अप्रत्यक्ष नियन्त्रण करने में मुकेश अंबानी के मंसूबों का भाण्डा फूट चुका है और रही सही कसर विकीलीक्स ने पूरी कर दी है, ऐसी स्थिति में देश पर अत्यन्त गम्भीर राजनैतिक संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं और इस गम्भीर संकट से देश की राजनैतिक पाटियां कैसे पार पायेंगी, यह भविष्य के गर्त में छुपा है!

 
AGRAGAMI SANDESH

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