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मोदी के गुजरात विकास मॉडल के ढ़ोल की खुलने लगी है पोल!

अहमदाबाद/दिल्ली/जयपुर (अग्रगामी) आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात विकास मॉडल के ढ़ोल की पोल अवाम के सामने उजागर कर ही दी है। अहमदाबाद के बापूनगर मैदान में एक आमसभा आयोजित कर विस्तृत आंकड़ों, तथ्यों और तर्कों के साथ उन्होंने मोदी के गृह प्रदेश में ही उन्हीं के दावों की बखिया उधेड़ कर रख दी और मोदी को चुनौती दे डाली कि वे कहीं भी कभी भी मोदी के विकास मॉडल पर बहस कर सकते हैं। अब गेंद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के पाले में है कि वे यह साबित करें कि केजरीवाल के आंकड़े, तथ्य और तर्क असत्य हैं।
केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछे गये अपने 16 सवालों के अलावा कुछ अहम सवाल पूछे हैं। केजरीवाल का पहला अहम सवाल है कि नरेन्द्र मोदी मंत्रिमण्डल के एक सदस्य सूरज पटेल क्या अंबानी परिवार के दामाद हैं? अंबानी और अडानी समूह को क्यों कानून की परिधि से बाहर जाकर सहुलियतें दी जा रही हैं? खुलासा करे मोदी अपनी अंबानी और अडानी परिवारों से सांठगांठ का!
दूसरा अहम सवाल जो केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछा है वह है कि मोदी के मंत्रिमण्डल में बाबू बोखीरिया जोकि खनन घोटाले के आरोपी हैं और उन पर आरोप सिद्ध होकर तीन साल की सजा भी हो चुकी है और वे जमानत पर बाहर हैं, उन्हें क्यों अपने मंत्रिमण्डल का सदस्य बरकरार रखा है?
तीसरा अहम सवाल केजरीवाल का है कि पुरूषोत्तम सोलंकी, जोकि 450 करोड़ रूपये के मत्स्य घोटाले के आरोपी हैं, उन्हें क्यों मंत्रिमण्डल से नहीं हटाया गया है! इसके पीछे क्या साजिश है? बतायें नरेन्द्र मोदी!
मोदी के गुजरात मॉडल की एक पोल यह भी है कि मेहसाणा में 187 औद्योगिक इकाइयों में से 140 इकाइयां बंद हो चुकी है। यह हकीकत दर्शाती है कि मोदी का गुजरात मॉडल छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों के खिलाफ है और उन्हें समाप्त करने का प्रतीक है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में हुए इंडिया टुडे कानक्लेव में भी ढेरों आंकड़ों, तथ्यों और सच्चाइयों की सूची पेश कर गुजरात में मोदी द्वारा फुलाये गये विकास के गुब्बारे की हवा निकालते हुए मोदी को चुनौती दी कि वे उनके द्वारा निर्धारित स्थान और समय पर मोदी से गुजरात के विकास पर बहस करने के लिये तैयार हैं।
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड़ हीराचंद जैन ने भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और स्वंय मोदी से केजरीवाल के 16 सवालों के साथ अन्य अहम सवालों और गुजरात के विकास से सम्बन्धित उजागर हुई सच्चाइयों का तथ्यात्मक तर्क सम्मत जवाब देने की मांग की है! उन्होंने आगे कहा कि अगर मोदी आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा उजागर किये गये तथ्यों और हकीकतों तथा उनके सवालें का तथ्यात्मक तरीके से जवाब नहीं देंगे तो मोदी और उनके गुजरात विकास मॉडल की विश्वसनीयता पर गहरी ठेस लगेगी। अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो अवाम की देशभर में उनरके खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया होना लाजमी है और सवालों-आरोपों का जवाब नहीं देना उनके लिये नुकसानदायक साबित होगा।
उधर मोदी के एकला चालो की नीति और वरिष्ठ नेताओं को नीचा दिखाने की उनकी फिदरत ने लालकृष्ण आडवानी, मुरलीमनोहर जोशी और सुषमा स्वराज्य जैसे भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शीर्ष पदाधिकारियों में भी मोदी की इस फिदरत से अंदर ही अंदर गहरी नाराजगी पनप रही है। आरएसएस के एक तबके का अब यह कहना है कि भाजपा और संघ का पहिला लक्ष्य लोकसभा चुनावों में बढ़त बनाना है। चुनाव के बाद अगर बहुमत आता है तो फैसला होगा कि प्रधानमंत्री किसे बनाया जाये!

 
AGRAGAMI SANDESH

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