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जयपुर नगर निगम के सीईओ लालचंद असवाल में हिम्मत हो तो करें कार्यवाही भ्रष्टाचारियों के खिलाफ!

जयपुर (अग्रगामी) अगर आपकी जेब में नोटों की गड्डियां जयपुर नगर निगम के हुक्कामों और कारिंदों को देने के लिये हैं तो समझलो आपका काम हो जायेगा। हमारे इस जुमले की ताईद करते हैं खुद नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व में संधारित दस्तावेज!
मामला जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन पूर्व के मनीराम की कोठी रास्ता (कुंदीगर भैंरू का रास्ता) चौकडी घाटगेट में स्थित मकान नम्बर 4418 का है। यह मकान नगर निगम के रेकार्ड में भंवरी बाई पत्नी काशीराम के नाम दर्ज है। बिना किसी दस्तावेज को रेकार्ड पर लिये और बिना नामान्तरण शुल्क जमा किये इस मकान को हवामहल जोन पूर्व की गृहकर शाखा ने किन्ही राजेश डागा के नाम से नामान्तरित कर दिया। लेकिन जब सूचना का अधिकार कानून के तहत नामान्तरण के सम्बन्धित दस्तावेज मांगे गये तो पता चला कि कोई रेकार्ड उपलब्ध ही नहीं है। अब नगर निगम के अफसरान ही बतायें कि हाऊस टैक्स के रेकार्ड में तब्दीली कैसे हो गई? कितना लेनदेन हुआ तब्दीली करने के लिये?
अब आगे चलें! राजेश डागा पुत्र शांतिलाल डागा ने स्थापित कानूनों की अवहेलना कर बिना इजाजत तामीर अवैध रूप से जब इस मकान नम्बर 4418 में गैर कानूनी निर्माण शुरू किया तो उसकी शिकायत हुई। शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत 10 दिसम्बर, 2013 को की गई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पत्र क्रमांक एसपी/1620/सीईओ दिनांक 10 दिसम्बर, 2013 के क्रम में आयुक्त सतर्कता ने मामला दिखवाया और अपने पत्र क्रमांक एफ-7()आ.सत.(सा.प्र)/ननिज/13/3173 दिनांक 13 दिसम्बर, 2013 को आयुक्त हवामहल जोन-पूर्व को पत्र लिख कर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही स्पष्ट किया कि अगर आवश्यक समझें तो उन्हें जाप्ता उपलब्ध करवा दिया जायेगा।
जयपुर नगर निगम के हवामहल जोन-पूर्व के आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने कनिष्ठ अभियन्ता और गजधर गिरधारी शर्मा को मामला देखने के आदेश दिये। लेकिन निर्माण कार्य चालू रहा।
इसके बाद प्रकरण में आयुक्त सतर्कता, जयपुर नगर निगम ने 19 दिसम्बर, 2013 को मुख्य कर्यकारी अधिकारी से प्राप्त शिकायत के सम्बन्ध में पुन: आयुक्त हवामहल जोन-पूर्व को भेजा गया।
पुन: 30 दिसम्बर, 2013 को आयुक्त सतर्कता ने आयुक्त हवामहल जोन-पूर्व को पत्र लिखा। जिसके क्रम में खुद आयुक्त हवामहल जोन-पूर्व ने मौका भी देखा।
शर्मनाक स्थिति यह रही कि बिना नगर निगम से स्वीकृति लिये और बिना नक्क्षे पास करवाये हुए गैर कानूनी अवैध निर्माण होता रहा और नगर निगम के हवामहल जोन-पूर्व के अफसर और कारिंदे राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 194 एवं 245 के तहत कार्यवाही करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। सारे तथ्य रेकार्ड पर हैं और उपरोक्त उल्लेखित तथ्यों से सम्बन्धित दस्तावेजों की फोटो प्रतियां अग्रगामी संदेश के पास उपलब्ध हैं।
अब जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लालचंद असवाल ही बतायें कि भ्रष्ट आचरण में लिप्त नगर निगम जयपुर के हवामहल जोन-पूर्व के हुक्कामों और कारिंदों के खिलाफ कार्यवाही करने की उनमें हिम्मत है या नहीं!

 
AGRAGAMI SANDESH

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