जयपुर (अग्रगामी) गुजरात सरकार का पर्यटन विभाग अपने कार्यक्रम खुशबू गुजरात की के अन्तर्गत कुछ दिन गुजारों गुजरात में के तहत सिनेस्टार और गुजरात के ब्रांड एम्बेसडर अमिताभ बच्चन को लेकर जैन श्वेताम्बर समुदाय के पवित्र एवं पावन स्थल शत्रुंजय तीर्थ (पालीताना तीर्थ) पर एक विज्ञापन फिल्म शूट करने की तैयारी कर रहा है। खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने गुजरात के पर्यटन विभाग द्वारा जैन समुदाय के अत्यन्त पवित्र धार्मिक स्थल को गुजरात का एक आम पर्यटन स्थल बनाने की साजिश पर गहरी नाराजगी जाहिर की है और चेताया है कि अल्पसंख्यक जैन समुदाय के पावन तीर्थ स्थलों का व्यवसायीकरण करने से गुजरात सरकार बाज आये।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता हीराचंद जैन ने यहां बताया कि शत्रुंजय तीर्थ (पालीताना तीर्थ) जैन समुदाय का अत्यन्त पवित्र तीर्थ स्थल है। जैन संस्कृति के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव के जिनालय सहित लगभग 863 प्राचीन जिनालय वहां स्थापित हैं। जैन समुदाय का प्रत्येक अनुयायी जीवन में एक बार इस तीर्थ पर आराधना हेतु आने का प्रयास करता है।
गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा अगर इस तीर्थ स्थल को आम पर्यटन स्थल के रूप में प्रचारित किया गया तो पालीताना तीर्थ की गरिमा समाप्त हो जायेगी और पालीताना शहर अघोषित रूप से साधारण पर्यटन स्थल बन जायेगा, जहां आम देशी-विदेशी पर्यटक पिकनिक व मौज मस्ती करने लिये आयेंगे। इन पर्यटकों के लिये बनाये जाने वाले होटलों में मांसहारी भोजन परोसा जायेगा, वहीं सिनेमाघर और रिसोर्ट बनेंगे जो कि मनोरंजन स्थल होंगे और इनका धर्म, आराधना-उपासना से दूर तक का रिश्ता नहीं होगा। यही नहीं तीर्थ स्थल पर जाने वाले पर्यटक जैन संस्कृति, जैन उपासना-अराधना के निर्धारित मानदण्डों का उलंघन भी करेंगे। जोकि जैन संस्कृति के अपमान की श्रेणी में होगा!
खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री पद के लिये घोषित उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री होने के नाते अपने प्रदेश के पर्यटन विभाग को स्पष्ट निर्देश दें कि वे शत्रुंजय तीर्थ (पालीताना तीर्थ) पर अपने विज्ञापन कार्यक्रम खुशबू गुजरात की के अन्तर्गत कुछ दिन गुजारो गुजरात में के तहत विज्ञापन फिल्म शूट न करायें।
उधर ब्यावर (राजस्थान) से एक जैन सामाजिक कार्यकर्ता मीतेश चौपडा ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर गुजरात के ब्राण्ड एम्बेसडर अमिताभ बच्चन पर बनाई जाने वाली विज्ञापन फिल्म पर तत्काल पाबंदी लगाने की मांग की है।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने समग्र जैन समुदाय से गुजरात पर्यटन विभाग के जैन संस्कृति विरोधी इस कदम का पुरजोर विरोध करने की मांग की है। मंच ने स्पष्ट किया है कि अल्पसंख्यक जैन समुदाय के तीर्थ स्थलों का व्यावसायीक दोहन करने की गुजरात सरकार की किसी भी हरकत का जम कर विरोध किया जायेगा।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच के प्रमुख कार्यकारी कार्यकर्ता हीराचंद जैन ने यहां बताया कि शत्रुंजय तीर्थ (पालीताना तीर्थ) जैन समुदाय का अत्यन्त पवित्र तीर्थ स्थल है। जैन संस्कृति के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव के जिनालय सहित लगभग 863 प्राचीन जिनालय वहां स्थापित हैं। जैन समुदाय का प्रत्येक अनुयायी जीवन में एक बार इस तीर्थ पर आराधना हेतु आने का प्रयास करता है।
गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा अगर इस तीर्थ स्थल को आम पर्यटन स्थल के रूप में प्रचारित किया गया तो पालीताना तीर्थ की गरिमा समाप्त हो जायेगी और पालीताना शहर अघोषित रूप से साधारण पर्यटन स्थल बन जायेगा, जहां आम देशी-विदेशी पर्यटक पिकनिक व मौज मस्ती करने लिये आयेंगे। इन पर्यटकों के लिये बनाये जाने वाले होटलों में मांसहारी भोजन परोसा जायेगा, वहीं सिनेमाघर और रिसोर्ट बनेंगे जो कि मनोरंजन स्थल होंगे और इनका धर्म, आराधना-उपासना से दूर तक का रिश्ता नहीं होगा। यही नहीं तीर्थ स्थल पर जाने वाले पर्यटक जैन संस्कृति, जैन उपासना-अराधना के निर्धारित मानदण्डों का उलंघन भी करेंगे। जोकि जैन संस्कृति के अपमान की श्रेणी में होगा!
खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री पद के लिये घोषित उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री होने के नाते अपने प्रदेश के पर्यटन विभाग को स्पष्ट निर्देश दें कि वे शत्रुंजय तीर्थ (पालीताना तीर्थ) पर अपने विज्ञापन कार्यक्रम खुशबू गुजरात की के अन्तर्गत कुछ दिन गुजारो गुजरात में के तहत विज्ञापन फिल्म शूट न करायें।
उधर ब्यावर (राजस्थान) से एक जैन सामाजिक कार्यकर्ता मीतेश चौपडा ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर गुजरात के ब्राण्ड एम्बेसडर अमिताभ बच्चन पर बनाई जाने वाली विज्ञापन फिल्म पर तत्काल पाबंदी लगाने की मांग की है।
खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने समग्र जैन समुदाय से गुजरात पर्यटन विभाग के जैन संस्कृति विरोधी इस कदम का पुरजोर विरोध करने की मांग की है। मंच ने स्पष्ट किया है कि अल्पसंख्यक जैन समुदाय के तीर्थ स्थलों का व्यावसायीक दोहन करने की गुजरात सरकार की किसी भी हरकत का जम कर विरोध किया जायेगा।


