जयपुर (अग्रगामी) जयपुर नगर निगम क्षेत्र में अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माण में जुटे भू-माफिया और बिल्डर माफिया अब धीरे-धीरे वापस जयपुर नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों तथा क्षेत्र के पार्षदों से सांठगांठ कर अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों के निर्माणों में तेजी ला रहे हैं। भारी दबाव के चलते नगर निगम के विद्याधर नगर के अफसरों को नाहरी का नाका, सिंधी कॉलोनी में झूलेसाल पार्क के सामने प्लाट नम्बर बी-49 में अवैध रूप से बनाये जा रहे कॉमर्शियल काम्पलेक्स को सीज करने के लिये मजबूर होना पड़ा था। लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे जयपुर नगर निगम के अफसरों ने इस ही बिल्डर माफिया के प्लाट नम्बर बी-48 और बी-50 पर जानबूझ कर कार्यवाही नहीं की। सूत्र बताते हैं कि एक ही बिल्डर के एक ही लाइन में बने तीन अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्सों में से दो पर कार्यवाही नहीं करना साफ जाहिर करता है कि बिल्डर माफिया और नगर निगम अफसरों में गहरी सांठगांठ है।
उधर हवामहल जोन पूर्व में घाटगेट चौकडी के पुरानी कोतवाली रास्ता और मनीराम की कोठी के रास्ते के जंक्शन के पास मकान नम्बर 4418 में डागा बंधुओं द्वारा किया जा रहा बिना इजाजत गैरकानूनी और अवैध कॉमर्शियल निर्माण बदस्तूर जारी है। जोन के आधीन ही चौकडी घाटगेट के पुरानी कोतवाली का रास्ता में स्थित भवन संख्या 4255 में तोडी गई सीलों पर भी जोन के अफसर और कारिंदे कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जोन के आधीन ही हवामहल जोन के अफसरों और कारिंदों की मिलीभगत से संजय बाजार स्थित भवन संख्या 5000 में तीन मंजिला अवैध गैरकानूनी निर्माण हो गया और इसके साथ-साथ अण्डरग्राउण्ड (तहखाना) का निर्माण भी हो गया। लेकिन चांदी के जूते के नीचे दबे जोन के अफसरों और कारिंदों की औकात भी नहीं है कि वे इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाही करें।
यही हाल न्यू मार्केट, मनीराम जी की कोठी के रास्ते में हुए अवैध कॉमर्शियल निर्माण तथा पुरानी कोतवाली का रास्ता और ठाकूर पचेवर के रास्ते के दबावखाना चौराहे पर बन रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के हैं। जब खुद जोन के हुक्काम और कारिंदे बिल्डर-निर्माणकर्ता से सांठगांठ कर अवैध निर्माण करवायें तो फिर उसे कौन रूकवा सकता है? चौकडी घाटगेट के हल्दियों का रास्ता, मारूजी का चौक, नाईयों की गली, धनराज महल के पीछे, चौकडी विश्वेश्वरजी में रामलाल का रास्ता में भी एक दर्जन से अधिक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स हवामहल जोन पूर्व के हुक्कामों और कारिंदों की शह पर बन गये हैं और आधा दर्जन पाइपलाइन में हैं, लेकिन जोन के हुक्काम और कारिंदे हाथ पर हाथ धरे इस तरह बैठे हैं कि मानो इन्होंने हाथ में चूडियां पहन रखी हों!
उधर हवामहल जोन पूर्व में घाटगेट चौकडी के पुरानी कोतवाली रास्ता और मनीराम की कोठी के रास्ते के जंक्शन के पास मकान नम्बर 4418 में डागा बंधुओं द्वारा किया जा रहा बिना इजाजत गैरकानूनी और अवैध कॉमर्शियल निर्माण बदस्तूर जारी है। जोन के आधीन ही चौकडी घाटगेट के पुरानी कोतवाली का रास्ता में स्थित भवन संख्या 4255 में तोडी गई सीलों पर भी जोन के अफसर और कारिंदे कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जोन के आधीन ही हवामहल जोन के अफसरों और कारिंदों की मिलीभगत से संजय बाजार स्थित भवन संख्या 5000 में तीन मंजिला अवैध गैरकानूनी निर्माण हो गया और इसके साथ-साथ अण्डरग्राउण्ड (तहखाना) का निर्माण भी हो गया। लेकिन चांदी के जूते के नीचे दबे जोन के अफसरों और कारिंदों की औकात भी नहीं है कि वे इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाही करें।
यही हाल न्यू मार्केट, मनीराम जी की कोठी के रास्ते में हुए अवैध कॉमर्शियल निर्माण तथा पुरानी कोतवाली का रास्ता और ठाकूर पचेवर के रास्ते के दबावखाना चौराहे पर बन रहे अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के हैं। जब खुद जोन के हुक्काम और कारिंदे बिल्डर-निर्माणकर्ता से सांठगांठ कर अवैध निर्माण करवायें तो फिर उसे कौन रूकवा सकता है? चौकडी घाटगेट के हल्दियों का रास्ता, मारूजी का चौक, नाईयों की गली, धनराज महल के पीछे, चौकडी विश्वेश्वरजी में रामलाल का रास्ता में भी एक दर्जन से अधिक अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स हवामहल जोन पूर्व के हुक्कामों और कारिंदों की शह पर बन गये हैं और आधा दर्जन पाइपलाइन में हैं, लेकिन जोन के हुक्काम और कारिंदे हाथ पर हाथ धरे इस तरह बैठे हैं कि मानो इन्होंने हाथ में चूडियां पहन रखी हों!


