जयपुर (अग्रगामी) स्थानीय गलता रोड़ स्थित जैन श्वेताम्बर मौनबाडी (मोहनबाडी) में रविवार को महोपाध्याय विनय सागर को उनके जन्म दिवस पर श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ जयपुर द्वारा खरतर रत्न के सम्मान से सम्मानित किया गया। पद्मश्री डी.आर.मेहता ने उनकी पुस्तक का विमोचन किया।समारोह में मुनि चंद्रप्रभ सागर, मुनि शांतिप्रभ सागर, राज्य के शिक्षामंत्री बृजकिशोर शर्मा, जवाहर नगर श्वेताम्बर संघ के संघमंत्री त्रिलोकचंद गोलेछा, के.एल.जैन, विमल चंद सुराना, डी.एस.भण्डारी, संजय बाफना, डॉ.कमलचंद सौगानी, मालवीय नगर खरतरगच्छ संघ के पदाधिकारी एवं समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।
महोपाध्याय विनय सागर खरतरगच्छ समुदाय में जैन संस्कृति के मूर्धन्य विद्वान हैं। उन्हें संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश भाषाओं में महारथ हांसिल है। अब तक उन्होंने एक सौ से ज्यादा पुस्तकों का लेखन/सम्पादन/अनुवाद किया है। 85 वर्ष की आयु में भी उनका लेखन कार्य निरन्तर जारी है। उनकी शतायु की कामना के साथ अग्रगामी संदेश की जन्म दिवस पर बधाई!


