जयपुर (अग्रगामी) राजस्थान में जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिये तत्काल कदम उठाने हेतु विश्व जैन संगठन, खरतरगच्छ जन चेतना मंच, ऑल जैन मायनोरिटी आर्गेनाइजेशन सहित विभिन्न संगठनों ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है। ज्ञातव्य रहे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार द्वारा पिछले कार्यकाल में वर्ष 2003 में जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने हेतु अध्यादेश जारी किया गया था, लेकन जब सरकार बदली और श्रीमती वसुन्धरा राजे मुख्यमंत्री बनी तो उसे कानून बनाने के बजाये ठण्डे बस्ते में डाल दिया!
लोकसभा चुनावों के दौरान वर्तमान सांसद महेश जोशी ने जैन समुदाय द्वारा स्थानीय सी-स्कीम स्थित महावीर दिगम्बर जैन स्कूल प्रांगण में 28 अप्रेल, 2009 को जैन जाग्रति मंच द्वारा उन्हें सहयोग करने के लिये आयोजित सभा में जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने के मामले में तकनीकी खामियों को दूर करवा कर अल्पसंख्यक घोषित करवाने का आश्वासन दिया था।
वहीं इस वर्ष के प्रारम्भ में भवानी निकेतन प्रांगण में आचार्य पुष्पदंत द्वारा जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिलवाने हेतु आग्रह किया था, तब भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आवश्यक सक्षम कार्यवाही करने हेतु आश्वासन दिया था।
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन और ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रटरी हीराचंद जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि जैन समुदाय के मध्यम वर्ग, पिछडे और अति पिछडे वर्ग की मानवी पीडाओं के मद्देनजर जैन समुदाय को 26 अगस्त, 2013 को आहूत विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित करवा कर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलवाने के लिये सक्षम कार्यवाही करवायें। पुलक चेतना मंच और खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने भी जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का संवैधानिक दर्जा दिलवाने हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पुरजोर मांग की है।
उधर ऑल जैन मायनोरिटी आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष पंकज जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजना जैन ने भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में जैन समुदाय की अधिकतर आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पुरजोर मांग की है कि जैन समुदाय को राजस्थान विधानसभा के इस ही सत्र में अल्पसंख्यक घोषित करवाने का प्रस्ताव पारित करवा कर जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित किया जाये।
लोकसभा चुनावों के दौरान वर्तमान सांसद महेश जोशी ने जैन समुदाय द्वारा स्थानीय सी-स्कीम स्थित महावीर दिगम्बर जैन स्कूल प्रांगण में 28 अप्रेल, 2009 को जैन जाग्रति मंच द्वारा उन्हें सहयोग करने के लिये आयोजित सभा में जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने के मामले में तकनीकी खामियों को दूर करवा कर अल्पसंख्यक घोषित करवाने का आश्वासन दिया था।
वहीं इस वर्ष के प्रारम्भ में भवानी निकेतन प्रांगण में आचार्य पुष्पदंत द्वारा जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिलवाने हेतु आग्रह किया था, तब भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आवश्यक सक्षम कार्यवाही करने हेतु आश्वासन दिया था।
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन और ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रटरी हीराचंद जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि जैन समुदाय के मध्यम वर्ग, पिछडे और अति पिछडे वर्ग की मानवी पीडाओं के मद्देनजर जैन समुदाय को 26 अगस्त, 2013 को आहूत विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित करवा कर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलवाने के लिये सक्षम कार्यवाही करवायें। पुलक चेतना मंच और खरतरगच्छ जन चेतना मंच ने भी जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का संवैधानिक दर्जा दिलवाने हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पुरजोर मांग की है।
उधर ऑल जैन मायनोरिटी आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष पंकज जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजना जैन ने भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में जैन समुदाय की अधिकतर आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पुरजोर मांग की है कि जैन समुदाय को राजस्थान विधानसभा के इस ही सत्र में अल्पसंख्यक घोषित करवाने का प्रस्ताव पारित करवा कर जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित किया जाये।


