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सूट-बूट और लूट हो चुके अब तो इस्तीफा दो मोदी जी!

नई दिल्ली (अग्रगामी) 10 लाख का सूट जो बाद में लगभग 4 करोड़ रूपये में नीलाम हुआ, उसको जनता भूली नहीं है। मंहगाई और भ्रष्टाचार तथा जमाखोरी, कालाबाजारी के बूट जो अवाम पर पड़ रहे हैं उन्हें भी अवाम कैसे भूल सकता है। पूरे देश में लूट का साम्राज्य पनपता ही जा रहा है। खासकर उत्तर भारत में तो लूट ने अपने पंजे अवाम पर गहराई से जमा लिये हैं।
मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जमाखोरी-कालाबाजारी से जनता बुरी तरह से त्रस्त है। किसान खेती के जरिये अपने परिवार का पेट पालन करने में असफल होता जा रहा है और किसान को खेती के लिये सरकारी इमदाद दूभर होती चली जा रही है। इस पर तुर्रा यह है कि सरकार पूंजीपतियों और कार्पोरेट जगत के लिये अपनी शर्तों पर गरीब किसान की जमीन हथियाने पर तुली हुई है।
21 जुलाई से संसद का वर्षाकालीन अधिवेशन सत्र शुरू हो रहा है। भूमि अधिग्रहण पर नरेन्द्र मोदी सरकार तीन बार अध्यादेश ला चुकी है। लेकिन अभी तक भूमि अधिग्रहण बिल को पास नहीं करवा पाई है। उसका प्रयास ये है कि या तो राज्यसभा भूमि अधिग्रहण बिल को पास कर दे या फिर संसद का संयुक्त अधिवेशन बुला कर भूमि अधिग्रहण बिल को पास करवा लिया जाये।
नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा की जा रही तिकड़मों से अवाम के चुनिंदा प्रतिनिधी ही वाकिफ नहीं है। बल्कि देश का अवाम भी पूरी तरह वाकिफ हो गया है और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टीनीत केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के नात्सीवादी, सामन्तवादी एवं हिन्दूत्वादी रवैये से नाराज है और आरएसएस के अग्रिम संगठन भारतीय जनता पार्टीनीत नरेन्द्र मोदी सरकार से आरपार की लड़ाई का मानस बना चुका है। उधर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टीनीत नरेन्द्र मोदी सरकार देश में पिछले दरवाजे से अघोषित आपातकाल लागू करने की दिशा में कार्यरत है और अपनी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिये जनता में अमीर-गरीब, जातिवादी और धार्मिक स्तर पर कटुता फैला कर देश में अवाम को आपस में लडऩे की मुहिम चलाने में जुटी है। जोकि देश की अखंडता और एकता के लिये खतरा बनने जा रही है।
केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पहले तो विदेशों से कालाधन लाकर अवाम के हर एक खाते में 15 लाख रूपये जमा कराने के अपने वादे को भूल गई है और भारतीय जनता पार्टी के अमित शाह ने तो इसे जुमला ही करार दे दिया है। वहीं अच्छे दिन आने वाले हैं की बांग लगाकर वोट बटोरने वाले अब कह रहे हैं कि 25 साल बाद अच्छे दिन आयेंगे तब तक गांव, वार्ड, ब्लाक, जिला और प्रदेश केंद्र स्तर पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की नात्सीवादी, सामन्तवादी, हिन्दूत्ववादी और तानाशाही सरकार को जनता कायम रखे तभी अच्छे दिन आ सकते हैं। अब भगवान जाने ये और कितने जुमले अपनी असफलता के पिटारे से निकालेंगे? ये तो भाजपाई नेता ही बता सकते हैं!
मंहगाई और बेरोजगारी आम अवाम का नोच-नोच कर खा रहे हैं। लेकिन केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार मेक इन इण्डिया, स्किल इण्डिया, जनधन योजना और पेंशन योजना जैसे जुमले अपना कर आम अवाम को लूटने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब जनता धीरे-धीरे भाजपाई जुमलेबाज नेताओं की हकीकत समझने लगी है और इन्हें नकारने के लिये कटिबद्ध होती जा रही है। अच्छा यही होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पद से इस्तीफा देकर संसद के नये चुनाव करवाने का कार्य प्रशस्त करेंगे ताकि देश में नई जनतांत्रिक सरकार बन सके।

 
AGRAGAMI SANDESH

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