अग्रगामी संदेश हिन्‍दी साप्ताहिक ***** प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित एवं प्रसारित ***** सटीक राजनैतिक विश्लेषण, लोकहित के समाचार, जनसंघर्ष का प्रहरी

सिर्फ केजरीवाल का ही विरोध क्यों?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिजली के बिल को लेकर चारों ओर हंगामा बरपा है। लेकिन कोई भी यह देख या सोच नहीं रहा है कि प्रधानमंत्री और उनके मंत्रीमंडल के कई सहयोगियों के सरकारी आवास के बिल उनके सरकारी आवास के बिल से कहीं अधिक हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास का बिजली का बिल लगभग 22 लाख रूपये आया है। वहीं केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली के राजकीय आवास का बिजली का बिल लगभग साढ़े तीन लाख रूपये से अधिक आया है। इसी तरह केंद्रीय मंत्रीमण्डल के अन्य सदस्यों के बिल भी मोटे आये हैं। लेकिन अपने आपको नेशनल इलेक्ट्रोनिक मीडिया कहलाने का दंभ भरने वाले चैनलों ने इसे जगजाहिर नहीं किया, आखीर क्यों?
किसी की भी आलोचना करने से पहले पत्रकारिता का यह उसूल होता है कि वह निरपेक्ष भाव से सारी स्थितियों को समझे, उनपर मनन करे फिर निर्णय ले! इस मामले में इलेक्ट्रोनिक मीडिया पूर्णत: असफल रहा है। उन्हें छोटे प्रिंट मीडिया/अखबारों से सबक लेना चाहिये जो पूरी तरह सच्चाई की तह में जाकर समाचार प्रकाशित करते हैं। मात्र एक राजनैतिक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिये कोई चैनल अपनी गतिविधियां चालू रखता है तो उस चैनल के मालिकों को अपना चैनल बंद कर देना चाहिये। मीडिया दरअसल जनता की आवाज होता है और अगर वह जनहित को दरकिनार कर व्यापार का रूप ले लेता है तो उसे तत्काल क्षेत्र से हट जाना चाहिये। यही नैतिकता का तकाजा है! जहां तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के बिजली के बिलों का सम्बन्ध है उन्हें उनके समकक्षों के बिजली के बिलों से तुलनात्मक अध्ययन कर सच्चाई को उजागर किया जाना चाहिये जोकि नहीं किया गया और ऐसी हरकत को अनुचित हरकत से ज्यादा कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

 
AGRAGAMI SANDESH

AGRAGAMI SANDESH
AGEAGAMI SANDESH

मुख्‍य पृष्‍ठ | जयपुर संस्‍करण | राज्‍य समाचार | देश समाचार | विज्ञापन दर | सम्‍पर्क